वापसी के बाद भी अधूरा रह गया विनेश का एशियाई खेलों का सपना

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साभार : गूगल

नई दिल्ली। लगभग दो वर्षों के उतार-चढ़ाव, पेरिस ओलंपिक की निराशा, संन्यास और फिर वापसी के बाद विनेश फोगाट एक बार फिर बड़े मंच पर लौटीं, लेकिन एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने का उनका सपना अधूरा रह गया।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित चयन ट्रायल में विनेश महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गईं।

पेरिस ओलंपिक 2024 के दर्दनाक अंत के बाद यह विनेश की पहली प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिता थी। उन्होंने ट्रायल की शुरुआत शानदार अंदाज में की और पहले मुकाबले में ज्योति को 7-1 से हराया। क्वार्टरफाइनल में उन्हें निशु से कड़ी चुनौती मिली, लेकिन विनेश ने 7-6 से जीत दर्ज कर अंतिम चार में जगह बनाई।

मीनाक्षी गोयत से सेमीफाइनल में हारकर ट्रायल से बाहर हुईं

हालांकि सेमीफाइनल में उनका सामना एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता मीनाक्षी गोयत से हुआ, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ एशियाई खेलों में लगातार तीसरा पदक जीतने की उनकी उम्मीद भी समाप्त हो गई।

अब 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मीनाक्षी गोयत का सामना विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता अंतिम पंघाल से होगा। इस मुकाबले का विजेता सितंबर-अक्टूबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।

विनेश का सफर भारतीय कुश्ती में संघर्ष और वापसी की मिसाल रहा है। रियो ओलंपिक 2016 में गंभीर घुटने की चोट ने उनका अभियान बीच में ही रोक दिया था, जबकि टोक्यो ओलंपिक में भी वह पदक की दौड़ में आगे नहीं बढ़ सकीं।

पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। रास्ते में उन्होंने जापान की दिग्गज युई सुसाकी सहित कई मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया था।

तीसरे एशियाई खेल पदक की उम्मीदों को लगा झटका

लेकिन स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले वजन सीमा से मामूली अधिक पाए जाने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ उनका ओलंपिक पदक छीन लिया बल्कि उनके करियर को भी एक कठिन मोड़ पर ला खड़ा किया।

इसके बाद विनेश ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी थी। जुलाई 2025 में मां बनने के बाद उन्होंने फिर से मैट पर लौटने का फैसला किया और एशियाई खेल 2026 को अपना अगला बड़ा लक्ष्य बनाया।

हालांकि इस बार ट्रायल में मिली हार ने उनके उस लक्ष्य को पूरा नहीं होने दिया। फिर भी वापसी कर राष्ट्रीय चयन ट्रायल तक पहुंचना उनके जुझारू स्वभाव और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

विनेश फोगाट ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में कांस्य और 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। चोट के कारण वह हांगझोउ 2023 एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। ऐसे में 2026 एशियाई खेल उनके लिए एक और बड़े अध्याय की तरह था, जो इस बार ट्रायल चरण में ही समाप्त हो गया।

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