लखनऊ। “योगः कर्मसु कौशलम्” के पावन संदेश को आत्मसात करते हुए एक्सीलिया स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। प्रात: काल हुए इस अभ्यास में सभी ने अपने जीवन में योग को उतारने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना एवं योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किया गया। योगाभ्यास का मार्गनिर्देशन योग साधक प्रवीण पाण्डे, शिक्षक सूर्या पाल और शिक्षिका दीपा धामी ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, वज्रासन तथा प्राणायाम जैसे विभिन्न योगाभ्यास किए।
योग के माध्यम से शरीर, मन एवं आत्मा के संतुलन तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को समझाया गया। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ किस प्रकार मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का भी रक्षण और उन्नत करने में कारगर है, बताया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनू श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र जीवन पद्धति है जो हमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन योग करने और इसे अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने योग से होने वाले लाभों पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के माध्यम से सभी को स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच तथा आत्मअनुशासन का संदेश दिया गया। इस दौरान स्कूल की प्रधानाचार्या मीनू श्रीवास्तव, शिक्षक-शिक्षिकाएं स्कूल के अन्य कर्मचारी और बच्चे मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन “करें योग, रहें निरोग” के संदेश के साथ हुआ।












