मुंबई : भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए प्रतिभाओं का दायरा बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए रिलायंस फाउंडेशन ने रिलायंस फाउंडेशन डेवलपमेंट लीग (RFDL) 2025-26 के शीर्ष तीन अंडर-21 क्लबों के लिए जापान एक्सपोज़र टूर की घोषणा की है।
भारत की प्रमुख अंडर-21 युवा फुटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद बेंगलुरु एफसी, एफसी गोवा और पंजाब एफसी की अंडर-21 टीमों को जापान की शीर्ष युवा टीमों के खिलाफ खेलने का अवसर मिलेगा। यह पहल युवा खिलाड़ियों के विकास में रिलायंस फाउंडेशन के निरंतर निवेश का हिस्सा है।
11 से 23 जुलाई तक जापान के फुकुओका में आयोजित होने वाले इस दौरे के दौरान भारतीय टीमें जापान के प्रतिष्ठित युवा क्लबों — एविस्पा फुकुओका अंडर-18, सागान तोसू अंडर-18, गिरावांज़ किताक्यूशू अंडर-18 और एफसी बालेन शिमोनोसेकी अंडर-21 — के खिलाफ मुकाबले खेलेंगी।
इन मैचों का उद्देश्य भारत के उभरते युवा फुटबॉलरों को उच्चस्तर की प्रतिस्पर्धा, अलग-अलग खेल शैली और एशिया की सबसे सफल फुटबॉल विकास प्रणालियों में से एक का अनुभव प्रदान करना है।
पंजाब एफसी, जिसने 2024 में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित यूनाइटेड किंगडम एक्सपोज़र टूर में एवर्टन एफसी और एस्टन विला जैसी टीमों को हराकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था, इस बार भी जापान दौरे का हिस्सा होगी। पंजाब एफसी को भारत के सबसे मजबूत ग्रास रूट फुटबॉल कार्यक्रमों में से एक के लिए जाना जाता है।
दौरे से पहले पंजाब एफसी की युवा टीम के मुख्य कोच प्रवीण कुमार ने कहा, “जापान की युवा फुटबॉल प्रणाली बेहद सुव्यवस्थित और संरचित है। पिछली बार हम यूके गए थे, जहां हमारी टीम में प्रमवीर और मोहम्मद सुहैल जैसे खिलाड़ी थे, जिन्हें वहां बेहतरीन सीखने का अवसर मिला।
रिलायंस फाउंडेशन प्रतियोगिताओं और ऐसे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र टूर के माध्यम से युवा फुटबॉल और सीनियर स्तर के बीच की दूरी को कम कर रहा है। मुझे विश्वास है कि जापान की तकनीकी और सामरिक रूप से मजबूत टीमों के खिलाफ खेलना हमारे खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती और शानदार सीख साबित होगा।”
पिछले कुछ वर्षों में आरएफडीएल की भारतीय टीमें इंग्लैंड की कई प्रतिष्ठित युवा टीमों के खिलाफ खेल चुकी हैं।जापान दौरा इन वैश्विक सीखने के अवसरों का अगला महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भारत के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी एशिया की अग्रणी फुटबॉल शक्तियों में से एक के खिलाफ अपनी क्षमता का आकलन कर सकेंगे।
रिलायंस फाउंडेशन का मानना है कि खिलाड़ियों के विकास के साथ-साथ कोचों का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले तीनों क्लबों के छह कोचों के लिए एविस्पाफुकुओका में तीन दिवसीय विशेष कोच शिक्षा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में इंडिविजुअल डेवलपमेंट प्लान, खिलाड़ी विकास और हाई-परफॉर्मेंस वातावरण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही कोचों को एफसी माचिदाज़ेल्विया के फुटबॉल निदेशक के साथ संवाद का अवसर भी मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि इस क्लब ने मात्र तीन वर्षों में जे2 लीग से एएफसी चैंपियंस लीग एलीट के फाइनल तक का सफर तय किया है। फुटबॉल गतिविधियों के अलावा भारतीय दल जापान की संस्कृति और इतिहास से परिचित होने के लिए नागासा की पीस स्टेडियम, एटॉमिक बम संग्रहालय और दाज़ाइफू तेनमांगू श्राइन का भी दौरा करेगा।
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यह खिलाड़ियों और कोचों के समग्र विकास के प्रति रिलायंस फाउंडेशन के दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह जापान एक्सपोज़र टूर भारतीय फुटबॉल के भविष्य को आकार देने में रिलायंस फाउंडेशन डेवलपमेंट लीग की भूमिका को और मजबूत करता है।
घरेलू स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिस्पर्धा, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और कोच शिक्षा को एकीकृत कर यह लीग युवा खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम सीख और अवसर उपलब्ध करा रही है।
युवा फुटबॉल में जापान की निरंतर सफलता उसे भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक आदर्श मानक बनाती है। यह दौरा भारत की अगली पीढ़ी के फुटबॉलरों और कोचों को भविष्य में सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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