ग्रामीणों को सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के प्रति किया जागरूक

0
64

रायबरेली। ग्रामीणों को सुशासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप), लखनऊ की ओर से रायबरेली के सतांव विकासखंड स्थित अहमदपुर गांव में एक दिवसीय सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इसमें करीब 200 ग्रामीणों ने हिस्सा लिया, जिनमें 50 महिलाएं भी शामिल रहीं। कार्यक्रम में नागरिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और प्रशासनिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी के महत्व की जानकारी दी गई।

सीमैप ने किया आयोजन, 200 ग्रामीणों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएसआईआर-सीमैप के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. विक्रांत गुप्ता ने कहा कि सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की स्थापना में आम नागरिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता, ईमानदारी, नैतिक मूल्यों और जनभागीदारी के माध्यम से ही जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

संस्थान के प्रशासन नियंत्रक उत्तम कुमार झा ने ई-गवर्नेंस और सरकारी सेवाओं में जवाबदेही के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ उन्हें आम जनता के लिए अधिक सुगम बनाया जा सकता है।

उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के दायित्वों और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही को भी रेखांकित किया। इस दौरान आईबी दीक्षित ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की उपयोगिता बताई।

उन्होंने कहा कि आरटीआई नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देता है। इससे सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है।

रायबरेली के अहमदपुर गांव में आयोजित किया सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम

कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का समन्वय डॉ. ऋषिकेश भिसे और राहुल सिंह ने किया। अंत में डॉ. अनिल मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सीएसआईआर-सीमैप के अधिकारी एवं कर्मचारी जितेंद्र गुप्ता, विकास वर्मा, नीलांबुज प्रसाद, शशिकेल यादव और कौशल किशोर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को संदेश दिया गया कि सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करना केवल सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की जागरूकता, सक्रिय भागीदारी और जवाबदेही भी महत्वपूर्ण है।

ये भी पढ़ें : सीमैप ने मनाया 85वां स्थापना दिवस, अनुसंधान-उद्योग सहयोग पर जोर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here