
लखनऊ। सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप), लखनऊ में मंगलवार को 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार, राष्ट्र के विकास के प्रति नए संकल्प संग मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. बनानी पोद्दार, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस), लखनऊ, विशिष्ट अतिथि डॉ. अखिलेश गुप्ता, पूर्व वरिष्ठ सलाहकार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) एवं विशिष्ट विजिटिंग प्रोफेसर, आईआईटी रुड़की और सीएसआईआर-सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इसके बाद डॉ. राजेश कुमार वर्मा, वैज्ञानिक-जी ने कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। अपने स्वागत संबोधन में डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने कहा कि छह दशकों से अधिक समय से सीएसआईआर-सीमैप औषधीय एवं सुगंधित पौधों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
संस्थान ने पादप जीवविज्ञान, जीनोमिक्स, रसायन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और कृषि विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए 160 से अधिक पादप किस्मों तथा खेती, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से जुड़ी प्रौद्योगिकियों का विकास किया है, जिससे किसानों और उद्योगों को लाभ मिला है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अखिलेश गुप्ता ने बड़े पैमाने की परियोजनाओं, औद्योगिक सहभागिता और ट्रांसलेशनल रिसर्च पर बढ़ते जोर को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में अनुसंधान का मूल्यांकन उसके सामाजिक एवं नीतिगत प्रभाव के आधार पर अधिक किया जाएगा। उन्होंने सीएसआईआर के शोधकर्ताओं से बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रभावशाली और सामाजिक रूप से प्रासंगिक अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. बनानी पोद्दार ने सीएसआईआर के 85वें स्थापना दिवस पर वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने रोगियों की देखभाल में उपचार के साथ आराम, गरिमा और भावनात्मक सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कुछ परिस्थितियों में चिकित्सा उपचार बीमारी के परिणाम को बदलने में सक्षम नहीं होता, ऐसे में रोगी की गरिमा और संवेदनशील देखभाल महत्वपूर्ण हो जाती है।
अनुसंधान-उद्योग सहयोग को बढ़ावा

कार्यक्रम में अनुसंधान-उद्योग संबंधों को मजबूत करने और प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहलों का आदान-प्रदान किया गया।
स्कूल ऑफ लाइवलिहुड एंड रूरल डेवलपमेंट–यस अर्थ, असम और सीएसआईआर-सीमैप के बीच सीएसआईआर अरोमा-4.0 के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुगंधित फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इसके तहत तकनीकी जानकारी, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री, खेती संबंधी सहयोग और बाजार से जुड़ाव उपलब्ध कराया जाएगा। मेसर्स एयुमंत्र न्यूट्रास्युटिकल्स प्रा. लिमिटेड,
गाजियाबाद के साथ सीएसआईआर-सीमैप के तीन उत्पादों—रिलैक्सोमैप (दर्द निवारक तेल), क्लीन जर्म (फ्लोर क्लीनर) और मोस्प्रे (मच्छर निरोधक)—के संयुक्त उन्नयन और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए समझौते किए गए।
इसी क्रम में मेसर्स क्रियोल बायोटेक आईएनसी., कानपुर के साथ पेंनज़ा (सूजनरोधी दर्द निवारक जेल), मेसर्स दिव्याम फ्रेगरेंस, लखनऊ के साथ फूलों से अगरबत्ती एवं सुगंधित कोन बनाने
तथा मेसर्स धन्वंतरेया बायोटेक एलएलपी, कर्नूल, आंध्र प्रदेश के साथ हल्दी एवं अश्वगंधा से फाइटोमोलेक्यूल्स के निष्कर्षण के लिए समझौते किए गए। इन पहलों के तहत टीबीआईसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीएसआईआर-सीमैप तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
नई प्रौद्योगिकी और किस्म का विमोचन
इस अवसर पर सीएसआईआर-सीमैप की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 का विमोचन किया गया। डॉ. पूजा खरे एवं उनकी टीम द्वारा विकसित वेटिवर जड़ आधारित सक्रिय बायोचार प्रौद्योगिकी सीआईएम-वीएबी (CIM-VAB) का भी विमोचन किया गया।
यह तकनीक आसवन अपशिष्ट को सक्रिय बायोचार में बदलने की किफायती एवं प्रभावी विधि उपलब्ध कराती है, जिसका औद्योगिक उपयोग किया जा सकता है।
कार्यक्रम में डॉ. गुंजन तिवारी एवं उनकी टीम द्वारा विकसित सिम-कस्तूरी का भी विमोचन किया गया। यह उत्तरी भारत के लिए विकसित मुस्कदाना (अबेलमॉश्कस मोस्केटस एल.) की उच्च उपज वाली किस्म है, जो बेहतर बीज उत्पादन और उच्च गुणवत्ता वाले आवश्यक तेल के लिए उपयोगी है।
कर्मचारियों और विजेताओं का सम्मान
समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और सीएसआईआर कर्मचारियों के आश्रितों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार (2025-26), सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार (2025-26) और सीएसआईआर स्थापना दिवस-2026 के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
संस्थान को किसानों, विद्यार्थियों और आमजन के लिए भी खुला रखा गया। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सीएसआईआर-सीमैप का भ्रमण कर संस्थान की वैज्ञानिक एवं तकनीकी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
इनमें वेलेंसिया इंटरनेशनल स्कूल, बालागंज के 40 विद्यार्थी और तीन शिक्षक, इसाबेला थोबर्न कॉलेज, फैजाबाद रोड की 32 छात्राएं और दो शिक्षक, श्री राम स्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय, लखनऊ के 60 छात्र-छात्राएं और तीन शिक्षक तथा रामेश्वरम फार्मेसी कॉलेज, सीतापुर के 28 विद्यार्थी और दो शिक्षक शामिल रहे।
कार्यक्रम का समापन डॉ. रमेश कुमार श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुम्या पाठक और डॉ. आकांक्षा सिंह ने किया।












