किसान सम्मान निधि से लखनऊ के 1.8 लाख किसानों के खाते में 37.33 करोड़

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हाईलाइट्स

  • देश के 9.34 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि हस्तांतरित
  • भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में किसान सम्मान उत्सव

लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त शुक्रवार को जारी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से देशभर के 9.34 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि हस्तांतरित की। इस किस्त के तहत लखनऊ जिले के करीब 1.8 लाख किसानों के खातों में 37.33 करोड़ रुपये पहुंचे।

इस अवसर पर भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान की ओर से संयुक्त रूप से किसान सम्मान उत्सव आयोजित किया गया। इसमें 569 किसानों और अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार खेती-किसानी को लेकर गंभीर हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए दलहनी और तिलहनी फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

इसके साथ ही नकदी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाकर भी किसान अपनी आय में इजाफा कर सकते हैं। सरकार की ओर से बेहतर बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एमके शन्मुगा सुंदरम ने कहा कि प्रदेश में बीज और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। रबी फसलों की बुवाई के लिए किसानों को सहकारी समितियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से इनकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।

उन्होंने खेत बचाओ अभियान का उल्लेख करते हुए मिट्टी में घटते जीवांश कार्बन पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिट्टी में जीवांश कार्बन का स्तर 0.5 प्रतिशत से भी कम रह गया है,

जिससे उसकी उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन और हरी खाद का इस्तेमाल कर इसे बढ़ाने की जरूरत है। अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी में जीवांश कार्बन का स्तर 0.5 से 1.5 प्रतिशत तक होना चाहिए।

कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान

कृषि निदेशक टीएम त्रिपाठी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सामान्य बीज वितरण और कृषि यंत्रों पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है,

जबकि मिनीकिट के बीज शत-प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। उन्होंने किसानों से जल्द बुकिंग कराकर योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

कृषि विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एके दुबे ने खरपतवार नियंत्रण और पराली प्रबंधन के तरीके बताए। अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रदेश में बीज वितरण व्यवस्था की जानकारी दी।

प्राकृतिक खेती और आय के नए स्रोत अपनाने की अपील

गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने किसानों को देसी गाय के पालन के साथ जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत और दशपर्णीय अर्क तैयार कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का भी प्रसारण किया गया।

प्रधानमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, डेयरी, फल एवं सब्जी उत्पादन के साथ गन्ना, दलहन और तिलहन जैसी लाभकारी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि अवसंरचना कोष के तहत विकसित 521 इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ 12 हॉर्टिकल्चर क्लस्टर का भी शुभारंभ किया।

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एसएन सुशील ने संस्थान की गतिविधियों और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। बीज विकास निगम की निदेशक कनीज फातिमा ने पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम और आत्मा योजना सहित विभिन्न कृषि योजनाओं पर किसानों से चर्चा की।

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इस अवसर पर संस्थान परिसर में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और गैर सहकारी संस्थाओं की ओर से 10 स्टॉल लगाए गए। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अधिकारियों ने इनका निरीक्षण किया। स्टॉलों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और उत्कृष्ट कार्यों के लिए कुछ प्रतिभागियों की सराहना की।

कार्यक्रम में महानिदेशक उपकार डॉ. दिनेश सिंह, परियोजना समन्वयक डॉ. शिवराम सिंह, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एलएस गंगवार, डॉ. वीके सिंह, डॉ. अजय राय, डॉ. भूपेंद्र सिंह,

डॉ. राम प्रकाश साहू सहित कृषि विभाग के संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. अजय कृष्ण, उप कृषि निदेशक विनय कौशल और जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका समेत अन्य अधिकारी एवं वैज्ञानिक मौजूद रहे।

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