कृत्रिम अंगों से फिर मिलेगा सहारा, 432 दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद

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लखनऊ। किसी के लिए अपने पैरों पर चलना रोजमर्रा की सामान्य बात हो सकती है, लेकिन किसी दिव्यांग व्यक्ति के लिए यह जीवन में आत्मनिर्भर बनने की सबसे बड़ी उम्मीद हो सकती है।

नारायण सेवा संस्थान का लखनऊ में 1 नवंबर को शिविर, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द करेंगे उद्घाटन

दूसरों पर निर्भरता कम कर अपने काम खुद कर पाने की इसी उम्मीद को साकार करने के उद्देश्य से नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर की ओर से 1 नवंबर को लखनऊ में निःशुल्क कृत्रिम अंग फिटमेंट शिविर आयोजित किया जाएगा।

विभूतिखंड स्थित किसान बाजार के दयाल गेटवे होटल में लगने वाले इस शिविर में 432 दिव्यांगजनों को जापानी-जर्मन तकनीक से निर्मित 549 मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स निःशुल्क लगाए जाएंगे। भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द सुबह 11 बजे शिविर का उद्घाटन करेंगे।

शिविर में पूर्व चयनित लाभार्थियों को 270 आधुनिक कृत्रिम अंग और 279 कैलिपर्स प्रदान किए जाएंगे। इनकी खासियत यह है कि मॉड्यूलर तकनीक के कारण इन्हें प्रत्येक लाभार्थी की शारीरिक संरचना और जरूरत के अनुसार फिट किया जा सकता है।

हल्के और सुविधाजनक डिजाइन वाले इन कृत्रिम अंगों से चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में आसानी होगी। विशेषज्ञों की टीम फिटमेंट के साथ लाभार्थियों को चलने, संतुलन बनाने और कृत्रिम अंगों का सही इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण भी देगी। शिविर सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा।

नारायण सेवा संस्थान के शिविर प्रभारी रमेश शर्मा के अनुसार, संस्थान का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की सामान्य गतिविधियों में अधिक स्वतंत्रता के साथ भाग लेने में सक्षम बनाना है।

दुर्घटना, बीमारी अथवा जन्मजात दिव्यांगता के कारण शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों के लिए ऐसे कृत्रिम अंग आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और इनके इस्तेमाल का प्रशिक्षण लाभार्थियों को नई परिस्थितियों के अनुरूप ढलने में मदद करेगा।

संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के सानिध्य में आयोजित इस शिविर में लाभार्थियों और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन, बैठने और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी की गई है। लखनऊ आश्रम प्रभारी बद्री लाल शर्मा ने बताया कि शिविर के माध्यम से जरूरतमंदों को बेहतर तकनीक और विशेषज्ञ सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

वर्ष 1985 से सेवाकार्यों में जुटा नारायण सेवा संस्थान दिव्यांगजनों के उपचार और पुनर्वास के क्षेत्र में काम कर रहा है। संस्थान के संस्थापक पद्मश्री कैलाश ‘मानव’ हैं। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल को दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्ष 2023 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

संस्थान के अनुसार, अब तक देश-विदेश में 41,200 से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि 4.54 लाख से अधिक लोगों की निःशुल्क चिकित्सा की गई है। संस्थान का ध्येय ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ है। इसी सोच के साथ वह जरूरतमंद दिव्यांगजनों को उपचार, आधुनिक तकनीक और पुनर्वास के जरिए अधिक स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराने में जुटा है।

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