बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए 73 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण

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हाईलाइट्स

  • सेना और सिविल डिफेंस की संयुक्त पहल ‘ट्रेन विद योर आर्मी कैंप’ शुरू
  • ड्रोन हमलों, साइबर खतरों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उपायों पर प्रशिक्षण

लखनऊ, 26 अक्टूबर। बदलती सुरक्षा चुनौतियों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए नागरिकों की तैयारी मजबूत करने के उद्देश्य से लखनऊ में तीन दिवसीय ‘ट्रेन विद योर आर्मी कैंप’ शुरू हुआ।

26 से 28 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 73 सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स और स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित प्रथम प्रतिक्रिया दल तैयार करने के साथ आम नागरिकों में सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाना और सैन्य-नागरिक समन्वय को मजबूत करना है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को मेजर जनरल मनीष कुकरेती, एसएम*, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया तथा डीजी होम गार्ड्स एवं सिविल डिफेंस डीके ठाकुर, आईपीएस ने संबोधित किया।

उन्होंने बदलते सुरक्षा परिदृश्य में प्रशिक्षित प्रथम प्रतिक्रिया दलों, जन-जागरूकता और सेना तथा नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस पहल को राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों के लिए ‘होल ऑफ नेशन अप्रोच’ यानी पूरे राष्ट्र की सामूहिक भागीदारी पर आधारित दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

ड्रोन से लेकर साइबर खतरों तक की दी जा रही जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्तमान और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है। इनमें आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति, ड्रोन एवं हवाई खतरे, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) खतरों के साथ भ्रामक सूचनाओं, साइबर सुरक्षा और डिजिटल खतरों से जुड़े पहलू शामिल हैं।

प्रतिभागियों को इन खतरों की पहचान करने, उनसे बचाव के उपाय अपनाने और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में कक्षा आधारित सत्रों के साथ प्रदर्शन और व्यावहारिक अभ्यास भी रखे गए हैं, ताकि प्रतिभागी वास्तविक परिस्थितियों में आवश्यक सावधानियों और प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं को समझ सकें।

मास्टर ट्रेनर्स के जरिए आम नागरिकों तक पहुंचेगी जागरूकता

इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से सुरक्षा संबंधी जानकारी को स्थानीय स्तर पर व्यापक रूप से पहुंचाना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मास्टर ट्रेनर्स आगे सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों और आम नागरिकों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों में सतर्कता, सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आपात स्थितियों के लिए तैयारी बेहतर बनाने और संकट के समय त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

सेना और सिविल डिफेंस के समन्वय से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बदलती सुरक्षा एवं आपातकालीन चुनौतियों के प्रति समाज को अधिक जागरूक, सक्षम और तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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