बेबी गेम्स 2026: कानपुर में 3 से 8½ वर्ष के बच्चों के लिए खेल प्रतियोगिताएं

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कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 5 से 10 अक्टूबर तक ‘बेबी गेम्स 2026’ का आयोजन होगा। इसमें 3 से 8½ वर्ष की उम्र के बच्चे अलग-अलग खेलों में हिस्सा ले सकेंगे। बच्चों की उम्र के हिसाब से खेल और प्रतियोगिताओं के फॉर्मेट तय किए गए हैं।

कानपुर ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के सहयोग और क्रीड़ा भारती के समर्थन से आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों को छोटी उम्र से ही खेलों से जोड़ने और उनमें खेल के प्रति रुचि एवं उत्साह पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इसका उद्देश्य बच्चों को खेलों के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भारत के 2036 ओलंपिक की मेजबानी के संकल्प को भी मजबूत करना है, जिसकी दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने एक व्यापक दृष्टि रखी है। इस आयोजन में बेबी गेम्स 2026 के शुभंकर ‘गज्जू’ की भी खास मौजूदगी रहेगी। गज्जू बच्चों के साथ इस आयोजन में जुड़कर उनके उत्साह और खेल के प्रति रुचि को बढ़ाने का काम करेगा।

आयोजन में एथलेटिक्स, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, साइकिलिंग, कराटे, योग, आर्चरी, जिम्नास्टिक्स, जूडो, ताइक्वांडो, स्विमिंग, हैंडबॉल, थ्रोबॉल, क्लाइंबिंग, टग ऑफ वॉर, वेटलिफ्टिंग, बास्केटबॉल, क्रिकेट सहित कई खेल शामिल किए गए हैं। बच्चों के लिए व्यक्तिगत खेलों के साथ-साथ टीम गेम्स भी रखे गए हैं।

उम्र के अनुसार खेलों की श्रेणियां

3 से 4½ वर्ष

इस आयु वर्ग में एथलेटिक्स में 20 मीटर, 40 मीटर, स्टैंडिंग जंप, बॉल थ्रो और प्लास्टिक जेवलिन थ्रो होंगे।

इसके अलावा फुटबॉल (2-a-Side, बिना गोलकीपर), बैडमिंटन सिंगल्स, टेबल टेनिस सिंगल्स, साइकिलिंग, कराटे, योग, आर्चरी (प्लास्टिक बो, अधिकतम दूरी), जिम्नास्टिक्स, जूडो, ताइक्वांडो, स्विमिंग, हैंडबॉल, थ्रोबॉल, क्लाइंबिंग, टग ऑफ वॉर (3-a-Side), वेटलिफ्टिंग, मिनी गोल्फ, बास्केटबॉल, जुंबा एवं एरोबिक्स, वॉलीबॉल (2-a-Side), क्रिकेट (3-a-Side) और बॉक्सिंग में भी बच्चे हिस्सा ले सकेंगे।

4½ से 6½ वर्ष

इस आयु वर्ग में एथलेटिक्स में 50 मीटर, 30 मीटर, 100 मीटर, ब्रॉड जंप, बॉल थ्रो, प्लास्टिक जेवलिन थ्रो, मेडिसिन बॉल थ्रो, लो हर्डल और बॉल के साथ रिले शामिल हैं।

फुटबॉल (4-a-Side), बैडमिंटन सिंगल्स, टेबल टेनिस सिंगल्स, साइकिलिंग, कराटे, योग, आर्चरी, जिम्नास्टिक्स, जूडो, ताइक्वांडो, स्विमिंग, खो-खो (6-a-Side), हैंडबॉल, थ्रोबॉल, क्लाइंबिंग, टग ऑफ वॉर (4-a-Side), वेटलिफ्टिंग, पावरलिफ्टिंग, मिनी गोल्फ, बास्केटबॉल, जुंबा एवं एरोबिक्स, वॉलीबॉल और क्रिकेट (5-a-Side) भी इस वर्ग में होंगे।

6½ से 8½ वर्ष

इस आयु वर्ग में एथलेटिक्स के तहत 50 मीटर, 80 मीटर, 100 मीटर, लॉन्ग जंप, हाई जंप, लो हर्डल, बॉल थ्रो, जेवलिन थ्रो, रिले, 4 × 25 मीटर रिले और लाइट मेडिसिन बॉल थ्रो होंगे।

इसके अलावा फुटबॉल (5-a-Side), बैडमिंटन सिंगल्स एवं डबल्स, टेबल टेनिस सिंगल्स एवं डबल्स, साइकिलिंग, कराटे, योग, आर्चरी, जिम्नास्टिक्स, जूडो, ताइक्वांडो, स्विमिंग, खो-खो (8-Player Team), हैंडबॉल, थ्रोबॉल (4-Player Team), क्लाइंबिंग, टग ऑफ वॉर (4-Player Team), वेटलिफ्टिंग, पावरलिफ्टिंग, मिनी गोल्फ, बास्केटबॉल (4-Player Team), जुंबा एवं एरोबिक्स, वॉलीबॉल (3-Player Team), शतरंज और क्रिकेट (6-a-Side) होंगे।

वेबसाइट पर होगा रजिस्ट्रेशन

बेबी गेम्स 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन आयोजन की वेबसाइट के जरिए होगा। रजिस्ट्रेशन में पहले Parent Details, फिर Child Details, Emergency Details और अंत में Consent की जानकारी भरनी होगी।

एक बच्चे के लिए एक या एक से ज्यादा गेम चुने जा सकते हैं। हर गेम की फीस ₹250 रखी गई है। दो गेम चुनने पर ₹500 और तीन गेम के लिए ₹750 फीस देनी होगी। यानी बच्चे के लिए चुने गए गेम्स की संख्या के हिसाब से रजिस्ट्रेशन फीस तय होगी।

इस आयोजन में व्यक्तिगत और टीम आधारित खेल गतिविधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि बच्चे केवल एक खेल तक सीमित न रहें, बल्कि विभिन्न खेल विधाओं को आजमाने और उनमें अपनी रुचि पहचानने का अवसर प्राप्त कर सकें। प्रतिभागी बच्चों को पदक और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, उन्हें प्रतियोगिता के बाद पोडियम पर सम्मान पाने का अनुभव भी मिलेगा।

कार्यक्रम में ‘Family Run with Baby’ भी आयोजित की जाएगी, जिसमें माता-पिता अपने बच्चों के साथ मिलकर हिस्सा ले सकेंगे। इससे परिवारों को साथ मिलकर खेलों से जुड़ने और सक्रिय रहने का अवसर मिलेगा। बेबी गेम्स 2026 में 5,000 से अधिक बच्चों के भाग लेने की उम्मीद है, जबकि पूरे आयोजन के दौरान 10,000 से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इस पहल से लगभग 450+ स्कूलों के जुड़ने की संभावना है।

इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र में ही संगठित खेल गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा का अनुभव देना है। इसके माध्यम से परिवारों, स्कूलों और बच्चों को शुरुआती उम्र से ही खेलों को गंभीरता से अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, यह पहल देश में उभरती युवा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और भारत के 2036 ओलंपिक विज़न की दिशा में योगदान देने का प्रयास है।

“बच्चों को कम उम्र से खेलों से जोड़ना जरूरी”

ओलंपिक एसोसिएशन के सेक्रेटरी डॉ. रजत आदित्य दीक्षित ने कहा, “बेबी गेम्स के जरिए बच्चों को कम उम्र में अलग-अलग खेलों से परिचित कराने की कोशिश है। इस उम्र में बच्चों को खेल का मौका मिलने से वे अपनी पसंद के खेल को समझ सकते हैं। हमारा प्रयास है कि बच्चे खेल को लेकर सहज रहें और माता-पिता भी उनकी रुचि को आगे बढ़ाने के लिए साथ दें।”

उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए अलग-अलग आयु वर्ग में खेलों के फॉर्मेट रखने का उद्देश्य उनकी उम्र के अनुसार उन्हें प्रतियोगिता में शामिल करना है। आयोजन में बच्चों के साथ अभिभावकों की भागीदारी को भी महत्व दिया गया है।

खेलों से शुरुआती जुड़ाव पर जोर

बेबी गेम्स 2026 में बच्चों को कम उम्र से खेलों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। आयोजन में बच्चों को अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा, जिससे वे अपनी रुचि के मुताबिक खेल चुन सकें।

आयोजन में कई ऐसे खेल भी शामिल हैं, जिनमें बच्चे व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले सकते हैं। वहीं फुटबॉल, क्रिकेट, खो-खो, वॉलीबॉल, टग ऑफ वॉर और बास्केटबॉल जैसे खेलों में टीम फॉर्मेट रखा गया है। इससे बच्चों को अलग-अलग तरह के खेलों का अनुभव मिलेगा।

इसके साथ अभिभावकों, स्कूलों और ब्रांड्स को भी Grassroots Sports से जोड़ने की योजना है। बच्चों के शुरुआती वर्षों में खेलों के प्रति रुचि पैदा करने और उन्हें खेल गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने में परिवार और स्कूल की भूमिका अहम रहती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर कम उम्र से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया है। इसी संदर्भ में बेबी गेम्स 2026 को बच्चों को शुरुआती उम्र में खेलों से जोड़ने वाली पहल के तौर पर देखा जा सकता है।

भारत की 2036 ओलंपिक की तैयारी की बात हो रही है, तो उसकी शुरुआत उन बच्चों से भी जुड़ती है जो आज खेल के मैदान में कदम रख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 2036 ओलंपिक के संदर्भ में कम उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने और उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत की बात कही है।

खेलों में शानदार प्रदर्शन को सम्मान देने और युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए, ‘बेस्ट प्लेयर – मेल’ अवॉर्ड का नाम सरदार फतेह सिंह जी के नाम पर और ‘बेस्ट प्लेयर – फीमेल’ अवॉर्ड का नाम रानी लक्ष्मीबाई (मनु) के नाम पर रखा जाएगा, ताकि उनके साहस, दृढ़ संकल्प और खेल में उत्कृष्टता की भावना का सम्मान किया जा सके।

बेबी गेम्स के विषय में

बेबी गेम्स 2026 में 3 से 8½ वर्ष के बच्चों को अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। 5 से 10 अक्टूबर तक ग्रीन पार्क स्टेडियम में होने वाला यह आयोजन बच्चों को कम उम्र में प्रतियोगिता और खेल के माहौल से परिचित कराएगा।

अभिभावक अपने बच्चे की उम्र के अनुसार उपलब्ध खेलों में से एक या एक से अधिक गेम चुन सकेंगे। हर गेम की फीस ₹250 होगी। इस तरह एक ही आयोजन में बच्चे अलग-अलग खेलों को आजमा सकेंगे और परिवार को भी उनकी खेल में रुचि को समझने का मौका मिलेगा।

आयोजन का फोकस बच्चों को कम उम्र में खेलों से जोड़ने पर है। आने वाले वर्षों में यही शुरुआती अनुभव किसी बच्चे को अपनी पसंद के खेल को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

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