बेंगलुरु। खलिन जोशी ने अपने घरेलू कोर्स कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन (केजीए) में शानदार प्रदर्शन करते हुए बेंगलुरु ओपन 2026 पावर्ड बाय इंडियनऑयल का खिताब जीत लिया।
खलिन ने अंतिम राउंड में दो अंडर 70 का स्कोर बनाया और पूरे टूर्नामेंट में शुरू से अंत तक अपनी बढ़त कायम रखते हुए पांच शॉट से जीत दर्ज की। एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वाले इस टूर्नामेंट में यह डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई पर उनका 10वां और इस सत्र का चौथा खिताब है।
तीन शॉट की बढ़त के साथ अंतिम राउंड की शुरुआत करने वाले 34 वर्षीय खलिन ने पांच बर्डी और तीन बोगी के साथ 70 का स्कोर बनाया। उन्होंने चार राउंड में 61-68-69-70 के स्कोर के साथ कुल 20 अंडर 268 का स्कोर बनाया। उन्हें विजेता के तौर पर 15 लाख रुपये मिले।
पिछले सप्ताह एसईसीएल प्रेजेंट्स नवा रायपुर ओपन जीतने वाले खलिन ने लगातार दूसरा खिताब अपने नाम किया। इससे पहले अगस्त में श्रीनगर में भी उन्होंने वायर-टू-वायर जीत दर्ज की थी।
बेंगलुरु में जीत के साथ खलिन 2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट में सातवें से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनकी सत्र की कुल कमाई 67,34,225 रुपये हो गई है।
मनु गंडास उपविजेता
गुरुग्राम के मनु गंडास 15 अंडर 273 के कुल स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने अंतिम राउंड में एक बर्डी और एक बोगी के साथ इवन पार 72 का स्कोर बनाया। मनु ने 10 लाख रुपये अर्जित किए और ऑर्डर ऑफ मेरिट में 20वें से 12वें स्थान पर पहुंच गए। उनकी सत्र की कुल कमाई 40,56,383 रुपये हो गई है।
वर्ष 2024 के रैंकिंग चैंपियन वीर अहलावत और ग्रेटर नोएडा के सप्तक तलवार संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। दोनों ने 12 अंडर 276 का स्कोर बनाया। वीर ने अंतिम राउंड में बोगी रहित दो अंडर 70 का स्कोर बनाया, जबकि सप्तक ने छह बर्डी, दो बोगी और एक ट्रिपल बोगी के साथ एक अंडर 71 का कार्ड खेला।
रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में शीर्ष पर चल रहे सप्तक ने 5,49,800 रुपये अर्जित किए और उनकी सत्र की कमाई 96,82,284 रुपये हो गई। वहीं, वीर 62,87,000 रुपये की कमाई के साथ ऑर्डर ऑफ मेरिट में तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।
दबाव में संयम को बताया सफलता की वजह
लगातार दूसरी वायर-टू-वायर जीत के बाद खलिन ने अपनी सफलता का श्रेय मानसिक मजबूती और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता को दिया।
उन्होंने कहा कि पहले उनके दिमाग में कई बातें चलती रहती थीं, जिससे मानसिक गलतियां होती थीं और अच्छे अवसर हाथ से निकल जाते थे। अब वह मानसिक रूप से अधिक मजबूत महसूस करते हैं और अपने सर्वश्रेष्ठ गोल्फ पर भरोसा करते हैं।
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घरेलू कोर्स पर पहली पेशेवर जीत हासिल करने के दौरान खलिन को शुरुआत में दबाव भी महसूस हुआ। पहले होल पर करीब 35 फुट का बर्डी पट सफल करने के बाद उन्हें राहत मिली, लेकिन दूसरे होल पर तीन-पट बोगी ने उनकी परीक्षा ली। इसके बावजूद उन्होंने रक्षात्मक रवैया नहीं अपनाया और बढ़त बनाए रखने के साथ बर्डी के अवसर तलाशते रहे।
घरेलू मैदान पर जीत का सपना हुआ पूरा
केजीए में खिताब जीतना खलिन के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने इसी कोर्स पर बचपन में गोल्फ खेलना शुरू किया था। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस कोर्स पर अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद वह यहां टूर्नामेंट नहीं जीत सके थे और घरेलू मैदान पर खिताब जीतना उनके लिए विशेष उपलब्धि है।
अब खलिन का ध्यान 15 से 18 अक्टूबर तक दिल्ली गोल्फ क्लब में होने वाली डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप पर है। उन्होंने 2018 में इसी कोर्स पर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता था।
शीर्ष 60 खिलाड़ियों के अधिकार सुरक्षित
बेंगलुरु ओपन के साथ 2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट के शीर्ष 60 खिलाड़ियों की दौड़ भी पूरी हो गई। शीर्ष 60 में जगह बनाने वाले खिलाड़ियों ने 2026-27 सत्र के लिए अपने खेलने के अधिकार बरकरार रखे हैं।
वीर अहलावत और सप्तक तलवार अब युवराज संधू के साथ जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। एशियाई खेलों की गोल्फ स्पर्धा 30 सितंबर से तीन अक्टूबर तक कासुगाई कंट्री क्लब के ईस्ट कोर्स पर खेली जाएगी।













