बेंगलुरु। स्थानीय खिलाड़ी खलिन जोशी ने कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन (केजीए) में खेले जा रहे एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वाले बेंगलुरु ओपन 2026 पावर्ड बाय इंडियन ऑयल के तीसरे दौर के बाद अपनी बढ़त कायम रखी।
जोशी ने तीसरे दौर में तीन-अंडर 69 का स्कोर किया और 18-अंडर 198 के कुल स्कोर के साथ अंतिम दौर में प्रवेश किया। वह दूसरे स्थान पर मौजूद गुरुग्राम के मनुगंडास से तीन शॉट आगे हैं।
दिन की शुरुआत छह शॉट की बढ़त के साथ करने वाले 34 वर्षीय जोशी ने 69 के दौर में एक ईगल और तीन बर्डी लगाईं, जबकि उन्हें दो बोगी का सामना करना पड़ा।
पांचवें होल पर लगाया गया ईगल उनके राउंड का मुख्य आकर्षण रहा। पार-5 पांचवें होल पर उनका टी शॉट मामूली अंतर से हैजार्ड में जाने से बचा। इसके बाद ले-अप करने के बाद उन्होंने 94 गज से लॉब वेज शॉट सीधे होल में डालकर ईगल हासिल किया।
हालांकि तीसरा दौर जोशी के लिए पिछले दो दिनों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा। तेज होती हवा, तेज ग्रीन और मुश्किल फ्लैग पोजिशन ने खिलाड़ियों के लिए परिस्थितियां कठिन कर दी थीं। जोशी ने भी कई मौकों पर संघर्ष किया, लेकिन उन्होंने राउंड को संभालते हुए अपनी बढ़त बरकरार रखी।
एक होल पर तीन पट करने के बाद 15वें होल पर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका ड्राइव बंकर में मुश्किल स्थिति में पहुंचा, जिससे उन्हें एक शॉट गंवाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने नुकसान को बोगी तक सीमित रखा और अंतिम दो होल में बर्डी लगाकर राउंड का मजबूत समापन किया।
जोशी ने बताया कि गेंद पर नियंत्रण पिछले दो दौर जैसा नहीं था, लेकिन उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में खुद को मुकाबले में बनाए रखा। पांचवें होल के ईगल के बारे में उन्होंने कहा कि सामने से आती हवा को देखते हुए उन्होंने इसे 102 गज का शॉट मानकर खेला।
गेंद पिन के आगे गिरी, बैक स्पिन के साथ वापस आई और सीधे होल में चली गई। उन्होंने तीन पट और 15वें होल की बोगी के बाद अंतिम दो होल में बर्डी को भी राउंड के लिए महत्वपूर्ण बताया।
गंडास ने आठ-अंडर 64 के साथ अंतर घटाया
गुरुग्राम के मनुगंडास ने दिन का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाते हुए बोगी-मुक्त आठ-अंडर 64 का कार्ड खेला। 2023 में डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई रैंकिंग चैंपियन रहे गंडास ने आठ बर्डी लगाईं, जिसमें 10वें से 12वें होल तक लगातार तीन बर्डी शामिल थीं। वह संयुक्त तीसरे स्थान से उठकर 15-अंडर 201 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए।
रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में फिलहाल 20वें स्थान पर चल रहे गंडास ने लगातार दूसरे दिन बोगी-मुक्त राउंड खेला। उन्होंने दूसरे और 12वें होल पर लंबे बर्डी पट लगाकर अपनी लय बनाए रखी। उनका कहना था कि पिछले तीन दिनों से वह लगातार बर्डी के मौके बना रहे थे, लेकिन तीसरे दौर में उन मौकों को ज्यादा प्रभावी तरीके से भुना सके।
गंडास ने केजीए के साथ अपने पुराने जुड़ाव को भी अपने आत्मविश्वास का कारण बताया। जूनियर करियर के दौरान इस कोर्स पर उन्हें कई सफलताएं मिली थीं। उनके लिए अंतिम दौर से पहले खिताब की दौड़ में बने रहना खासा उत्साहजनक है।
सप्तक तलवार तीसरे स्थान पर
रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में शीर्ष पर चल रहे ग्रेटर नोएडा के सप्तक तलवार ने चार-अंडर 68 का स्कोर किया। उन्होंने पांच बर्डी और एक बोगी लगाई और 11-अंडर 205 के कुल स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
गुरुग्राम के वीर अहलावत (68-69-69) और स्थानीय युवा खिलाड़ी मनोज एस (65-70-71) 10-अंडर 206 के स्कोर के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर हैं।
केजीए के मुश्किल चरण दे रहे चुनौती
केजीए में पांचवें होल से महत्वपूर्ण तीन होल का जोखिम और इनाम वाला चरण शुरू होता है। पार-5 पांचवें होल पर दो शॉट में ग्रीन तक पहुंचने का मौका रहता है, लेकिन दोनों ओर पानी और पेड़ों का खतरा है। छठा और सातवां लंबे पार-4 होल हैं, जबकि छठे पर पानी भी खेल में आता है। लंबा पार-4 नौवां होल भी खिलाड़ियों की परीक्षा लेता है।
छोटा पार-4 10वां और हवा की दिशा में खेला जाने वाला छोटा पार-5 11वां होल अच्छे स्कोर के अवसर देते हैं। वहीं 17वें और 18वें होल पर चुनौती बढ़ जाती है। संकरे पार-4 17वें होल पर ऊंचाई पर स्थित ग्रीन है, जबकि पेड़ों से घिरे पार-5 18वें होल पर रणनीतिक रूप से लगाए गए बंकर खिलाड़ियों के लिए मुश्किल पैदा करते हैं।
पूरे टूर्नामेंट के दौरान हवा महत्वपूर्ण कारक रही है। प्रतियोगिता से पहले हुई बारिश के कारण फेयरवे नरम हैं, जिससे टी शॉट के बाद गेंद को ज्यादा रोल नहीं मिल रहा। इसके बावजूद केजीए की ग्रीन टीम की मेहनत से ग्रीन मजबूत और अच्छी स्थिति में हैं। ग्रीन की गति स्टिम्पमीटर पर 11 दर्ज की गई है।
चिक्कारंगप्पा का होल-इन-वन
स्थानीय खिलाड़ी चिक्कारंगप्पा ने तीसरे दौर में 73 का स्कोर किया और 13वें होल पर होल-इन-वन लगाया। वह एक-ओवर 217 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त 33वें स्थान पर हैं।
बेंगलुरु ओपन 2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट के शीर्ष 60 खिलाड़ियों के तय होने से पहले आखिरी टूर्नामेंट है। प्रतियोगिता के बाद शीर्ष 60 में रहने वाले खिलाड़ी 2026-27 सत्र के लिए अपना खेलने का अधिकार बरकरार रखेंगे।
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