बेंगलुरु। अपने घरेलू कोर्स पर खेल रहे खलिन जोशी ने बेंगलुरु ओपन 2026 में शानदार शुरुआत करते हुए करियर का सर्वश्रेष्ठ और बोगी-मुक्त 11-अंडर 61 का स्कोर बनाया। कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन (केजीए) में खेले जा रहे एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वाले टूर्नामेंट के पहले दौर के बाद जोशी ने चार शॉट की बढ़त बना ली है।
34 वर्षीय जोशी ने पांचवें संस्करण के शुरुआती दौर में एक ईगल और नौ बर्डी लगाईं। उन्होंने पार-5 11वें होल पर ईगल हासिल किया और पूरे राउंड में एक भी बोगी नहीं की। पिछले सप्ताह नवा रायपुर ओपन जीतकर सत्र का अपना तीसरा डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई खिताब हासिल करने वाले जोशी उसी शानदार लय को बेंगलुरु में भी जारी रखने में सफल रहे।
जोशी ने रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में सातवें स्थान से सप्ताह की शुरुआत की थी। घरेलू कोर्स का फायदा उन्हें पहले ही दिन मिला और उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उनके सटीक एप्रोच शॉट और बेहतर पुटिंग का उन्हें लगातार फायदा मिला।
बेंगलुरु के ही 18 वर्षीय मनोज एस ने भी बोगी-मुक्त सात-अंडर 65 का कार्ड खेलकर दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने सात बर्डी लगाईं और जोशी से चार शॉट पीछे हैं। सत्र की रैंकिंग में 31वें स्थान पर चल रहे मनोज ने भी घरेलू कोर्स पर अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया।
दिल्ली के 23 वर्षीय शौर्य भट्टाचार्य छह-अंडर 66 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने आठ बर्डी लगाईं, हालांकि दो बोगी के कारण उन्हें कुछ अंक गंवाने पड़े। सत्र की रैंकिंग में 17वें स्थान से सप्ताह की शुरुआत करने वाले शौर्य ने भी मजबूत शुरुआत की।
बेंगलुरु के मारीमुथु, श्रीलंका के एन. थंगराजा, ग्रेटर नोएडा के सप्तक तलवार और दिल्ली के हिम्मत सिंह राय पांच-अंडर 67 के स्कोर के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर हैं।
मारीमुथु ने छह बर्डी और एक बोगी, जबकि थंगराजा ने पांच बर्डी के साथ बोगी-मुक्त राउंड खेला। अगले सप्ताह जापान में एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सप्तक ने सात बर्डी और दो बोगी कीं। हिम्मत ने आठ बर्डी लगाकर एक बोगी और एक डबल बोगी से हुए नुकसान की भरपाई की।
गुरुग्राम के वीर अहलावत, कोलकाता के सुनीत चौरसिया, दक्षिण अफ्रीका के गेरहार्डस जैकोबस पेप्लर, पुणे के गुरकीशेर गिल, कपूरथला के युवराज सिंह और गुरुग्राम के सौरव राठी चार-अंडर 68 के स्कोर के साथ संयुक्त आठवें स्थान पर हैं।
2024 के डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई रैंकिंग चैंपियन वीर अहलावत ने रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में चौथे स्थान से सप्ताह की शुरुआत की थी। वहीं सुनीत चौरसिया लगातार तीन डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई नेक्सजेन टूर्नामेंट जीतकर रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचे हैं और मुख्य टूर में प्रमोशन हासिल कर चुके हैं।
घरेलू टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत से जोशी काफी खुश हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन को लेकर कहा कि घरेलू कोर्स पर खेलते हुए वह बेहद सहज महसूस करते हैं और पिछले सप्ताह की अच्छी लय यहां भी जारी रहने से उत्साहित हैं।
जोशी के लिए इस टूर्नामेंट में एक खास बात यह भी है कि उनकी गर्लफ्रेंड पहली बार डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई टूर्नामेंट में उनकी कैडी की भूमिका निभा रही हैं। वह इससे पहले एशियन डेवलपमेंट टूर और एशियन टूर पर भी उनकी कैडी रह चुकी हैं।
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जोशी ने बताया कि उनकी मौजूदगी से माहौल हल्का रहता है और उन्हें शांत रहने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कैडी ने ग्रीन की लाइन पढ़ने में अच्छी मदद की और दो-तीन महत्वपूर्ण पुट में उनका आकलन बिल्कुल सही रहा।
प्रेफर्ड लाइ के बावजूद करियर का सबसे कम स्कोर बनाने वाले जोशी ने कहा कि शुरुआती टी शॉट से पहले वह थोड़ा घबराए हुए थे, लेकिन ड्राइव सही जगह लगने के बाद सहज हो गए।
उन्होंने कहा कि वह चार वर्ष की उम्र से इस कोर्स को जानते हैं और लय मिलने के बाद उन्हें यहां खेलने में काफी सहजता महसूस होती है। करीब दो महीने बाद घर लौटने और परिवार के साथ समय बिताने से भी उन्हें सुकून मिला है।
बेंगलुरु ओपन 2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट के शीर्ष 60 खिलाड़ियों का फैसला होने से पहले आखिरी टूर्नामेंट है। प्रतियोगिता के बाद शीर्ष 60 में रहने वाले खिलाड़ी 2026-27 सत्र के लिए अपना खेलने का अधिकार बरकरार रखेंगे और उन्हें दो अक्टूबर से शुरू होने वाले क्वालिफाइंग स्कूल में हिस्सा नहीं लेना पड़ेगा।









