लखनऊ। विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) के उपलक्ष्य में आज 15 जून को सीएसआईआर-सीमैप में सीएसआईआर-सीमैप स्टाफ क्लब “महक” के तत्वावधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर हरिओम सेवा केंद्र तथा सिविल अस्पताल के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी तथा पद्मश्री सम्मानित विख्यात रंगमंच कलाकार एवं पूर्व वैज्ञानिक डॉ. अनिल रस्तोगी द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. त्रिवेदी ने कहा, “रक्तदान मानवता की सेवा का एक महान एवं निःस्वार्थ कार्य है। आपके द्वारा दान की गई रक्त की एक इकाई किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकती है।

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर मैं सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं, से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान करता हूँ। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान पूर्णतः सुरक्षित है और यह समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। आइए, हम सभी रक्तदान को जन-आंदोलन बनाकर जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दें।”
इस अवसर पर डॉ. अनिल रस्तोगी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि “रक्तदान महादान” है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को इस महान कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव तथा उत्तम कुमार झा ने रक्तदान से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा इसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समय पर उपलब्ध रक्त अनेक लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है और स्वैच्छिक रक्तदान समाज के प्रति हमारी संवेदनशीलता का परिचायक है।
रक्तदान शिविर के संयोजक एवं स्टाफ क्लब “महक” के महासचिव डॉ. अनिल कुमार मौर्य ने बताया कि संस्थान के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 23 यूनिट रक्तदान किया।
कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा समाज में सेवा, सहयोग एवं मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। अंत में आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।













