लखनऊ। निवेशकों को वित्तीय मामलों की बेहतर समझ देने और साइबर धोखाधड़ी से बचाने के उद्देश्य से सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) ने ‘रीइमेजिन आइडियाथॉन 2.0’ की शुरुआत की है।
इस पहल के तहत देशभर के छात्रों को ऐसे नए विचार और समाधान पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिनसे निवेश से जुड़ी जानकारी को आसान, रोचक और आम लोगों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके।
सीडीएसएल ने की ‘रीइमेजिन आइडियाथॉन 2.0’ की शुरुआत
एशिया की पहली सूचीबद्ध डिपॉजिटरी सीडीएसएल के पास 19 करोड़ से अधिक डीमैट खातों की जिम्मेदारी है। विश्व निवेशक सप्ताह 2026 के तहत भारत में चलाए जा रहे ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ अभियान के दौरान शुरू की गई यह पहल भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रोजेक्ट जागरूक के उद्देश्यों को आगे बढ़ाती है।
इसका जोर निवेशकों को सही जानकारी उपलब्ध कराने, सोच-समझकर निवेश के फैसले लेने और वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने के लिए जागरूक करने पर है।
निवेश की जानकारी को आसान बनाने पर जोर
रीइमेजिन आइडियाथॉन 2.0 के जरिए छात्रों से ऐसे तरीके विकसित करने को कहा गया है, जिनसे वित्तीय जानकारी और साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेश अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाए जा सकें।
इनमें पहली बार निवेश करने वाले लोग और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। पहल का उद्देश्य निवेश संबंधी जटिल जानकारियों को सरल भाषा और दिलचस्प माध्यमों के जरिए लोगों तक पहुंचाना है, ताकि वे उपलब्ध विकल्पों, जोखिमों और संभावित लाभों को समझकर बेहतर निर्णय ले सकें।
सेबी के इन्वेस्टर सर्वे 2025 के अनुसार, देश के करीब 33.72 करोड़ परिवारों में से लगभग 3.21 करोड़ परिवार यानी 9.5 प्रतिशत प्रतिभूति बाजार से जुड़े उत्पादों में निवेश करते हैं।
हालांकि, 63 प्रतिशत परिवार कम से कम एक ऐसे उत्पाद के बारे में जानते हैं। यह आंकड़ा वित्तीय उत्पादों की जानकारी और वास्तविक निवेश के बीच मौजूद अंतर को दर्शाता है।
साइबर धोखाधड़ी से बचाव भी अहम
देश में डीमैट खातों की संख्या 23 करोड़ से अधिक हो चुकी है। दूसरी ओर, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में साइबर धोखाधड़ी के कारण 22,495 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इसमें 76 प्रतिशत नुकसान फर्जी निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े घोटालों के कारण हुआ। ऐसे में निवेशकों के लिए वित्तीय जानकारी के साथ डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक होना भी जरूरी है।
सीडीएसएल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेहल वोरा ने कहा कि देश में शेयर बाजार और अन्य निवेश विकल्पों तक लोगों की पहुंच बढ़ रही है।
ऐसे में निवेशकों को उपलब्ध जानकारी समझने और आत्मविश्वास के साथ फैसले लेने में सक्षम बनाना जरूरी है। सेबी का प्रोजेक्ट जागरूक और ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ अभियान इसी दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सीडीएसएल निवेशक शिक्षा को आसान और रोचक बनाने के लिए नए माध्यमों पर भी काम कर रहा है। इसके तहत अमर चित्र कथा के साथ साझेदारी के जरिए युवाओं तक निवेश संबंधी जानकारी पहुंचाई जा रही है।
रीइमेजिन आइडियाथॉन 2.0 छात्रों को अपने विचार सामने रखने और जागरूक, जिम्मेदार एवं समावेशी निवेश माहौल बनाने में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है।
कॉलेजों में वित्तीय शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल सेबी की ‘मस्ट’ (MUST) यानी मेंटरिंग ऑफ यूनिवर्सिटी/कॉलेज स्टूडेंट्स बाय ट्रेनर्स योजना को भी मजबूती देती है। इस योजना के तहत प्रशिक्षित भागीदार और ट्रेनर कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में वित्तीय शिक्षा और शेयर बाजार से जुड़ी समझ विकसित करने के लिए काम करते हैं।
रीइमेजिन आइडियाथॉन 2.0 इस प्रयास को एक कदम आगे ले जाते हुए छात्रों को ऐसे समाधान सुझाने का मंच देता है, जिनसे उनकी पीढ़ी के साथ-साथ पहली बार निवेश करने वालों और अन्य वर्गों के लोगों तक निवेश संबंधी जानकारी अधिक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाई जा सके।
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