लखनऊ : प्रमाणित संदर्भ सामग्री औषधि, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरणीय निगरानी, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि तथा औद्योगिक परीक्षण जैसे विविध क्षेत्रों में मापन की शुद्धता, अनुरेखणीयता (Traceability), गुणवत्ता आश्वासन तथा नियामक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
दुनिया भर में बढ़ती नियामक आवश्यकताओं और प्रयोगशालाओं के प्रत्यायन (Accreditation) के विस्तार के कारण ऐसी विश्वसनीय संदर्भ सामग्रियों की मांग लगातार बढ़ रही है। साथ ही, वैज्ञानिक और औद्योगिक क्षेत्रों में गुणवत्ता और सटीक मापन पर बढ़ते जोर तथा ISO/IEC 17025 मानक अपनाने वाली प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ने से प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों का महत्व और भी बढ़ गया है।
भारत प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों का एक प्रमुख उपभोक्ता बनकर उभरा है तथा HSN 38229010 (डायग्नोस्टिक अथवा प्रयोगशाला अभिकर्मक, जिसमें प्रमाणित संदर्भ सामग्री भी शामिल है) श्रेणी के उत्पादों के प्रमुख आयातकों में शामिल है। विश्लेषणात्मक परीक्षण तथा गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों पर बढ़ती निर्भरता ने देश में प्रमाणित संदर्भ मानकों की मांग को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।
भारत की गुणवत्ता अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पहलें स्वदेशी प्रमाणित संदर्भ सामग्री के विकास को प्रोत्साहित कर रही हैं। इनमें सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला एवं सहयोगी संस्थानों के नेतृत्व में संचालित भारतीय निर्देशक द्रव्य (BND®️) पहल आयात पर निर्भरता कम करने तथा प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों के लिए एक सशक्त स्वदेशी पारितंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत औषधीय और सगंध पौधों की समृद्ध विविधता वाला देश है। साथ ही, आयुष, हर्बल और न्यूट्रास्यूटिकल उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में इन पौधों से बने उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विश्वसनीय संदर्भ मानकों की आवश्यकता है।
इसी राष्ट्रीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप), लखनऊ ने भारतीय निर्देशक द्रव्य (BND®️) के रूप में स्वदेशी प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों का विकास किया है। ये संदर्भ सामग्रियां हर्बल फॉर्मुलेशन, औषधीय पौधों से प्राप्त उत्पादों, आयुष औषधियों तथा कार्यात्मक खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता नियंत्रण, प्रमाणीकरण, मानकीकरण एवं नियामक अनुपालन में सहायक होंगी। इनके उपयोग से भारतीय फार्माकोपिया तथा आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ इंडिया सहित राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी।
सीएसआईआर-सीमैप तथा सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला के सहयोग से विकसित 22 स्वदेशी प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों (CRMs) के विमोचन के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। इनमें 5 जनवरी 2026 को जारी 14 CRMs तथा 16 जून 2026 को जारी 08 अतिरिक्त CRMs शामिल हैं।
इन स्वदेशी प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों का औपचारिक विमोचन डॉ. एन. कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग द्वारा सीएसआईआर मुख्यालय, नई दिल्ली में किया गया।
इस अवसर पर डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी, निदेशक, सीएसआईआर-सीमैप ने कहा, “स्वदेशी भारतीय निर्देशक द्रव्य (BND®️) प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों का विकास भारत की गुणवत्ता अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये संदर्भ सामग्री गुणवत्ता सुनिश्चित करने, नियामक मानकों का पालन करने और भारतीय हर्बल एवं आयुष उत्पादों की वैश्विक पहचान बढ़ाने में सहायक और साथ ही, आत्मनिर्भर भारत के परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।”
ये स्वदेशी प्रमाणित संदर्भ सामग्री परीक्षण और गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न कार्यों, जैसे विधि सत्यापन, उपकरणों की जांच और अंशांकन, गुणवत्ता आश्वासन तथा नियामक मानकों के अनुपालन के लिए विकसित की गई हैं। इनके उपयोग से औषधि उद्योग, हर्बल एवं आयुष उत्पाद निर्माता, न्यूट्रास्यूटिकल कंपनियां, परीक्षण प्रयोगशालाएं, अनुसंधान संस्थान और शैक्षणिक संस्थान लाभान्वित होंगे।
फाइटोकेमिकल भारतीय निर्देशक द्रव्य (BND®️) प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों का यह विमोचन भारत की गुणवत्ता व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ये संदर्भ सामग्री सटीक और विश्वसनीय परीक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ औषधीय पौधों पर आधारित उत्पादों की वैज्ञानिक गुणवत्ता और प्रामाणिकता को मजबूत बनाने में सहायक होंगी।
यह पहल भारतीय हर्बल, आयुष एवं औषधीय पौधों पर आधारित उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता को बढ़ाने में सहायक होगी, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता एवं अनुरेखणीयता मानकों के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित होगा। साथ ही, यह आयातित संदर्भ सामग्रियों पर निर्भरता कम करने, भारतीय प्रयोगशालाओं के लिए उनकी उपलब्धता बढ़ाने तथा देश की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक क्षमताओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भारतीय निर्देशक द्रव्य (BND®️) कार्यक्रम “आत्मनिर्भर भारत” की राष्ट्रीय परिकल्पना तथा “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के अनुरूप है। मापन विज्ञान, गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ बनाकर यह कार्यक्रम औषधि, आयुष, न्यूट्रास्यूटिकल तथा औषधीय पौधा-आधारित उद्योगों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पारितंत्र विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।












