लखनऊ। सीएसआईआर–केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई), लखनऊ की मुख्य वैज्ञानिक एवं एंडोक्राइनोलॉजी प्रभाग की प्रमुख डॉ. रितु त्रिवेदी को वर्ष 2026 की सूची में इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (INSA) की फेलो निर्वाचित किया गया है।
उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान विशेष रूप से मेटाबोलिक बोन एवं मस्कुलोस्केलेटल विकारों (अस्थि संबंधी रोगों) के क्षेत्र में ट्रांसलेशनल बायोमेडिकल अनुसंधान में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
डॉ. त्रिवेदी का अनुसंधान प्रयोगशाला में हुई वैज्ञानिक खोजों को सामाजिक उपयोगिता वाली प्रौद्योगिकियों एवं उत्पादों में परिवर्तित करने पर केंद्रित रहा है।
उनके अनुसंधान के दो प्रमुख ट्रांसलेशनल परिणाम REUNION®, जिसे Dalbergia sissoo (शीशम) से विकसित किया गया है तथा जो तीव्र फ्रैक्चर उपचार और रजोनिवृत्ति उपरांत ऑस्टियोपोरोसिस के प्रबंधन में उपयोगी है, और JOINT FRESH®, जिसे Spinacia oleracea (पालक) से विकसित किया गया है तथा जो ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए उपयोगी है, हैं।
उनका कार्य वैज्ञानिक खोज से प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी से सामाजिक प्रभाव तक की यात्रा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनके अनुसंधान में प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए प्रमाण-आधारित हस्तक्षेप विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
डॉ. त्रिवेदी नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (NASI) की भी निर्वाचित फेलो हैं। उन्हें वर्ष 2022 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा महिलाओं के लिए नेशनल टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस अवॉर्ड से ट्रांसलेशनल रिसर्च में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
उनका चयन विज्ञान प्रसार द्वारा प्रकाशित “75 Under 50: Scientists Shaping Today’s India” पुस्तक में भी किया गया, जिसमें देश के 75 प्रमुख वैज्ञानिकों को शामिल किया गया था। इस पुस्तक में चयनित 75 वैज्ञानिकों में केवल 12 महिलाएं थीं।
डॉ. त्रिवेदी को प्राप्त अन्य प्रमुख सम्मानों में रिलायंस इंडस्ट्रीज प्लेटिनम जुबली अवॉर्ड (2020), टाटा इनोवेशन अवॉर्ड/फेलोशिप (2019–20), जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रदान किया गया पी. शील अवॉर्ड (2019), STEM इम्पैक्ट अवॉर्ड (2019) – REUNION® को बाजार तक पहुंचाने में योगदान के लिए, तेओतिया मेमोरियल ओरेशन अवॉर्ड (2018), ऑस्टियोआर्थराइटिस पर उनके कार्य के लिए टेक्नोलॉजी अवॉर्ड (2019), विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए इंदिरा गांधी सम्मान (2017) तथा विज्ञान में उनके योगदान के लिए टेक्नोलॉजी अवॉर्ड (2016) शामिल हैं।
वर्ष 2026 में इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी की फेलो के रूप में निर्वाचन डॉ. रितु त्रिवेदी के वैज्ञानिक जीवन की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान नवोन्मेषी, ट्रांसलेशनल एवं सामाजिक रूप से प्रासंगिक बायोमेडिकल अनुसंधान के क्षेत्र में उनके निरंतर और उल्लेखनीय योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता को दर्शाता है।











