मेरठ जोन का जलवा, चारों वर्गों में कब्जाई चल वैजयंतीय बने नौ नये रिकॉर्ड

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लखनऊ। ट्रैक पर रफ्तार का मुकाबला हो या साइक्लिंग में दमखम दिखाने की चुनौती, मेरठ जोन के खिलाड़ियों ने हर मोर्चे पर अपना दबदबा कायम रखा।

74वीं उत्तर प्रदेश पुलिस वार्षिक एथलेटिक्स क्लस्टर प्रतियोगिता

35वीं वाहिनी पीएसी महानगर स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद क्रीड़ा संकुल में आयोजित 74वीं उत्तर प्रदेश पुलिस वार्षिक एथलेटिक्स क्लस्टर प्रतियोगिता में मेरठ ने एथलेटिक्स और साइक्लिंग के पुरुष व महिला, चारों वर्गों की चल वैजयंती जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।

प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ नये कीर्तिमान भी स्थापित किए। शनिवार को 35वीं वाहिनी पीएसी स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद क्रीड़ा संकुल में प्रतियोगिता का समापन हुआ।

प्रतियोगिता में महिला खिलाड़ियों ने पांच और पुरुष खिलाड़ियों ने चार नये रिकॉर्ड बनाए। प्रयागराज जोन के आशीष पाल 1079 अंकों के साथ पुरुष वर्ग के सर्वश्रेष्ठ एथलीट बने, जबकि आगरा जोन की निधि ने 1117 अंक अर्जित कर महिला वर्ग का खिताब अपने नाम किया।

साइक्लिंग के पुरुष वर्ग में मेरठ के केशव शर्मा 18 अंकों के साथ सर्वश्रेष्ठ साइक्लिस्ट चुने गए। महिला वर्ग में मेरठ की ही आरती ने 19 अंकों के साथ यह उपलब्धि हासिल की। अंतिम दिन पुरुष मैराथन में पीएसी पश्चिमी जोन के रवि राघव ने दो घंटे 38 मिनट 12.60 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान हासिल किया।

मेरठ के सौरभ 2:47:36.01 घंटे के समय के साथ दूसरे और गोरखपुर के नवीन सिंह 2:51:40.80 घंटे के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। पुरुषों की 4 गुणे 400 मीटर रिले में मेरठ की टीम ने 3 मिनट 23.75 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। टीम में मोहित कुमार, लविश कुमार, नदीम और वासुदेव शामिल रहे। लखनऊ 3:30.81 मिनट के साथ दूसरे और वाराणसी 3:32.56 मिनट के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

महिलाओं की 4 गुणे 400 मीटर रिले में मेरठ की योगेश कुमारी, टीना पाल, काजल शर्मा और प्रियंका सिकरवार की टीम ने 3 मिनट 58.53 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान हासिल किया।

प्रयागराज और वाराणसी की टीमें क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। ऊंची कूद में कानपुर जोन की तनु शर्मा ने 1.38 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता।

आगरा की सृष्टि 1.35 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि मेरठ की बेबी और ज्योति तथा प्रयागराज की कुसुम ने 1.23 मीटर की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। गोला फेंक में मेरठ की शिखा पवार ने 13.30 मीटर का प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

महिलाओं की 4 गुणे100 मीटर रिले में भी मेरठ की टीम ने 49.03 सेकंड का समय निकालकर बाजी मारी। टीम में प्रियंका सिकरवार, टीना, योगेश कुमार और खुशबू वर्मा शामिल रहीं। वाराणसी दूसरे और आगरा तीसरे स्थान पर रहा।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक, पीएसी लखनऊ आलोक सिंह ने विजेता टीमों को चल वैजयंती प्रदान की। इस अवसर पर रंगारंग मार्च पास्ट का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि ने मार्च पास्ट की सलामी स्वीकार की। पुलिस महानिरीक्षक, पीएसी मध्य जोन एवं उत्तर प्रदेश पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के सचिव प्रीतिंदर सिंह, आयोजन सचिव एवं डीआईजी पीएसी मनोज कुमार सोनकर तथा सह आयोजन सचिव एवं सेनानायक 35वीं वाहिनी पीएसी अमित कुमार ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। समारोह में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अंत में सेनानायक अमित कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

गोल्डन गोल की जंग में लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज बना चैंपियन

लखनऊ। आखिरी दम तक संघर्ष, गोलपोस्ट पर लगातार हमले और गोलकीपरों के शानदार बचाव, दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू शिवाजी स्टेडियम में 43वें नेहरू सब-जूनियर अंडर.15 बालक हॉकी टूर्नामेंट का फाइनल किसी रोमांचक मुकाबले से कम नहीं रहा।

लखनऊ गुरु गाविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के खिलाड़ियों ने धैर्य, दमखम और बेहतरीन तालमेल का परिचय देते हुए सोनीपत हरियाणा को गोल्डन गोल के रोमांचक दौर में शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया।

मोहम्मद दानिश और समीर अली ने दिखाई गोल करने की धार

लखनऊ और सोनीपत के बीच खिताबी मुकाबला निर्धारित चार क्वार्टर के बाद 2-2 गोल की बराबरी पर छूटा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में भी दोनों टीमें पांच-पांच गोल करके बराबरी पर रहीं। मुकाबला गोल्डन गोल के दौर में पहुंचा, जहां कई बार दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। आखिरकार निर्णायक दौर में लखनऊ ने बाजी मारते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

गोलकीपर अमरजीत तिवारी के दमदार बचाव ने दिलाया खिताब

लखनऊ की खिताबी जीत में मोहम्मद दानिश और समीर अली का प्रदर्शन खास रहा। मोहम्मद दानिश ने मैदानी गोल दागकर टीम को मजबूती दी, वहीं समीर अली ने पेनल्टी शूटआउट में गोल करके जीत की राह आसान की। हालांकि जीत की सबसे मजबूत दीवार गोलकीपर अमरजीत तिवारी साबित हुए। उन्होंने विपक्षी खिलाड़ियों के कई खतरनाक हमलों को शानदार बचाव से नाकाम कर टीम को संकट से उबारा। पूरे मुकाबले में उनके प्रदर्शन ने लखनऊ की खिताबी उम्मीदों को टूटने नहीं दिया।

कड़े और संघर्षपूर्ण मुकाबले में सोनीपत को दी शिकस्त

इससे पहले सेमीफाइनल में लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज ने सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज को 3-2 गोल से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। टीम के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में एकजुटता और आक्रामक खेल का शानदार नमूना पेश किया।
इस सफलता के पीछे कोच धर्मेंद्र प्रताप सोनकर की कड़ी मेहनत और खिलाड़ियों को तैयार करने में दिया गया उनका निरंतर योगदान भी अहम रहा। टीम मैनेजर आकिब अली ने भी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य दीपेंद्र यादव ने विजेता टीम, कोच और मैनेजर को बधाई देते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रताप सोनकर की मेहनत, अनुशासन और खिलाड़ियों के समर्पण का ही परिणाम है कि कॉलेज की टीम लगातार शानदार उपलब्धियां हासिल कर रही है।

चैंपियन टीम के खिलाड़ी :

लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज की खिताबी जीत में समीर अली, अमन यादव, आवजीत राजभर, प्रदीप वंशवंशी, आदित्य सिंह, सुल्तान साबिर, मोहम्मद जैनुल आबेदीन खान, विवेक पाल, ऋ तिक धानुक, दर्शील केसरवानी, मोहम्मद दानिश, कृष्णा वंशवंशी, अब्दुल रहमान, अभिनव कुशवाहा और अहमद हसन उस्मानी ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं गोलकीपर अमरजीत तिवारी ने बेहतरीन बचाव से टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

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