जल संरक्षण और सीवेज प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का लिया जायजा

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लखनऊ: उत्तराखंड के विभिन्न नगर निकायों के चेयरपर्सन, नगर पंचायत अध्यक्षों एवं अधिकारियों के लिए 22 से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं एक्सपोज़र विज़िट कार्यक्रम के तहत बुधवार को प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित भरवारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भ्रमण किया।

कार्यक्रम का आयोजन अर्बन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (UTRI) द्वारा किया गया। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को भरवारा एसटीपी की कार्यप्रणाली, अत्याधुनिक सीवेज शोधन प्रक्रिया, संचालन एवं अनुरक्षण (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) व्यवस्था तथा उपचारित (ट्रीटेड) जल के पुनः उपयोग की प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने जाना कि किस प्रकार पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए सीवेज का वैज्ञानिक उपचार किया जाता है तथा उपचारित जल का पुनः उपयोग जल संरक्षण और सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उत्तराखंड के जनप्रतिनिधियों ने भरवारा एसटीपी में सीखा अपशिष्ट जल प्रबंधन

भरवारा एसटीपी के प्लांट इंचार्ज पार्थ सारथी नाथ ने प्रतिनिधिमंडल को प्लांट की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण कराते हुए उपचार प्रक्रिया, गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, आधुनिक तकनीकों एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की विस्तार से जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल ने प्लांट में अपनाई जा रही तकनीकों और संचालन व्यवस्था की सराहना की तथा शहरी क्षेत्रों में प्रभावी अपशिष्ट जल प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और जल संसाधनों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

सुएज इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश मठपाल ने कहा, “भरवारा एसटीपी केवल सीवेज उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि सतत जल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

उपचारित जल का पुनः उपयोग प्राकृतिक जल स्रोतों पर दबाव कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे एक्सपोज़र विज़िट विभिन्न राज्यों के अधिकारियों के बीच ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान का प्रभावी माध्यम हैं, जिससे देशभर में आधुनिक एवं टिकाऊ शहरी जल प्रबंधन प्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा।”

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कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने एसटीपी के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया तथा सीवेज प्रबंधन एवं उपचारित जल के प्रभावी उपयोग से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

प्रतिभागियों ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण से उन्हें अपने-अपने नगर निकायों में बेहतर एवं आधुनिक सीवेज प्रबंधन प्रणाली विकसित करने में उपयोगी अनुभव प्राप्त हुआ।

इस एक्सपोज़र विज़िट में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए चेयरपर्सन, नगर पंचायत अध्यक्ष, सभासद, सफाई निरीक्षक, स्वच्छ भारत मिशन के विशेषज्ञ, पर्यावरण पर्यवेक्षक तथा अन्य शहरी निकायों के अधिकारियों ने सहभागिता की।

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