ओरिएंटल कप : जीडी गोयनका और भारती पब्लिक स्कूल पहली बार चैंपियन

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नई दिल्ली : एक सप्ताह तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद ओरिएंटल कप 2026 के चौथे संस्करण का शानदार समापन बुधवार को डॉ. अंबेडकर स्टेडियम में लड़कों और लड़कियों के फाइनल मुकाबलों के साथ हुआ।

बहुप्रतीक्षित ग्रैंड फिनाले ने उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए दर्शकों को दो हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिले, जिनमें युवा खिलाड़ियों ने आक्रामक फुटबॉल, जुझारूपन, संघर्ष और शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

दिन के अंत में जी.डी. गोयनका स्कूल, द्वारका ने लड़कों के वर्ग का अपना पहला ओरिएंटल कप खिताब जीता, जबकि भारती पब्लिक स्कूल ने लड़कियों के वर्ग में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

ओरिएंटल कप 2026 

दोनों टीमों ने पहली बार ओरिएंटल कप का खिताब जीतकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफियों के साथ आकर्षक नकद पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे ओरिएंटल कप के चौथे संस्करण का शानदार समापन हुआ।

 

लड़कों और लड़कियों दोनों वर्गों की विजेता टीमों को ₹1,50,000 की पुरस्कार राशि दी गई, जबकि उपविजेता टीमों को ₹75,000 प्रदान किए गए। इसके अलावा, विजेता और उपविजेता टीमों के कोचों को भी उनके योगदान के लिए क्रमशः ₹50,000 और ₹25,000 की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।

विजेता टीमों को ₹1.50 लाख, उपविजेता टीमों को ₹75,000 का इनाम, कोचों को भी नकद सम्मान

लड़कों के वर्ग में जी.डी. गोयनका स्कूल, द्वारका के कार्तिकेय कश्यप चुघ और लड़कियों के वर्ग में मॉडर्न स्कूल की ध्वनि बिदादा टूर्नामेंट की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं। पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार गोल स्कोरिंग प्रदर्शन के सम्मान में दोनों खिलाड़ियों को फुटबॉल बूट्स भेंट किए गए।

 

ओरिएंटल कप 2026 का चौथा संस्करण एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि का गवाह बना, जब टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष ₹2.5 लाख की छात्रवृत्ति निधि स्थापित की गई। इसके तहत लड़कों और लड़कियों के वर्ग से पांच-पांच खिलाड़ियों सहित कुल 10 प्रतिभाशाली छात्र-खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, क्षमता और समर्पण के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

दोनों वर्गों के 10 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ₹25,000-₹25,000 की छात्रवृत्ति 

ओरिएंटल कप छात्रवृत्ति कार्यक्रम के पहले प्राप्तकर्ताओं में लड़कों के वर्ग से कार्तिकेय कश्यप चुघ (जी.डी. गोयनका स्कूल, द्वारका), ईशान पांडे (दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज), अर्नब कश्यप (द एयर फोर्स स्कूल, सुब्रतो पार्क), ऋद्धिमान सिंह (स्टेप बाय स्टेप स्कूल, नोएडा) और अभाव भारद्वाज (दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम) शामिल रहे।

 

वहीं लड़कियों के वर्ग में तन्वी गोगोई (वसंत वैली स्कूल), अमीना अब्दाली (संस्कृति स्कूल), नीतिका नेगी (भारती पब्लिक स्कूल), ध्वनि बिदादा (मॉडर्न स्कूल) और सोम्या (गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल) को छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया।

समापन समारोह के दौरान विजेताओं को पुरस्कार और छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। यह सम्मान उन्हें न केवल टूर्नामेंट में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया, बल्कि भारतीय फुटबॉल के भविष्य के रूप में उनकी संभावनाओं को भी मान्यता दी गई।

चैंपियन और उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए ओरिएंटल कप के संस्थापक फरीद बख्शी ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

लड़कों और लड़कियों के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों को मिला फुटबॉल बूट्स 

उन्होंने कहा, “मुझे बेहद खुशी है कि ओरिएंटल कप का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मैं अपने पूरे सपोर्ट स्टाफ, स्वयंसेवकों, अधिकारियों और उन सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इस टूर्नामेंट को सफल बनाया।

मैं सभी प्रतिभागी टीमों, विशेष रूप से हमारे चैंपियन और उपविजेता खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन, खेल भावना और समर्पण के लिए बधाई देता हूं। हमें उम्मीद है कि अगले वर्ष हम ओरिएंटल कप के पांचवें संस्करण को और भी बड़े और बेहतर स्वरूप में लेकर लौटेंगे।”

फाइनल दिवस के पहले मुकाबले में लड़कों के वर्ग के खिताबी मुकाबले में जी.डी. गोयनका स्कूल, द्वारका ने स्टेप बाय स्टेप स्कूल, नोएडा को 2-1 से हराकर अपना पहला ओरिएंटल कप खिताब जीत लिया। मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया।

छठे मिनट में नील भगत ने अपने ही हाफ से शानदार लंबी दूरी का शॉट लगाकर जी.डी. गोयनका को बढ़त दिलाई। हालांकि, नौवें मिनट में वंश गुलाटी ने गोल कर स्टेप बाय स्टेप की बराबरी करा दी।

इसके तुरंत बाद 11वें मिनट में कार्तिकेय कश्यप चुघ ने गोल दागकर जी.डी. गोयनका को फिर बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में जी.डी. गोयनका ने अनुशासित रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीम को कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया और 2-1 से जीत दर्ज कर लड़कों के वर्ग का पहला ओरिएंटल कप खिताब अपने नाम किया।

मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान कोच सरदार सिंह ने टूर्नामेंट में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए जमीनी स्तर पर खेलों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “भारतीय खेलों का भविष्य जमीनी स्तर पर तैयार होता है। यदि युवा खिलाड़ी शुरुआती स्तर पर मजबूत बुनियाद तैयार करेंगे तो वे भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे।

ओरिएंटल कप में चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद खिलाड़ियों ने जिस ऊर्जा, जुनून और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह बेहद प्रभावशाली था। इससे स्पष्ट है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

मैं फरीद बख्शी और ओरिएंटल कप के आयोजकों को इतनी शानदार पहल के लिए बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि देशभर में ऐसे और आयोजन होते रहेंगे।”

दिन के दूसरे और अंतिम मुकाबले में लड़कियों के अंडर-19 वर्ग के फाइनल में भारती पब्लिक स्कूल ने मॉडर्न स्कूल को 1-0 से हराकर पहला ओरिएंटल कप खिताब अपने नाम किया। मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों ने सतर्क रणनीति अपनाई और मजबूत रक्षापंक्ति के चलते कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी।

दूसरे हाफ में भारती पब्लिक स्कूल ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया और 31वें मिनट में नीतिका ने शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। उनका यही एकमात्र गोल मैच का निर्णायक साबित हुआ और भारती पब्लिक स्कूल ने 1-0 की जीत के साथ लड़कियों के वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया।

टूर्नामेंट के अंतिम दिन मेरा इंडिया मेरा अधिकार (एमआईएमए) और स्ट्राइव एनजीओ की टीमों के बीच लड़कों और लड़कियों दोनों वर्गों में प्रदर्शनी मुकाबले भी खेले गए। स्ट्राइव ने दोनों मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों के वर्ग में 3-0 और लड़कियों के वर्ग में 6-0 से जीत दर्ज की।

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ओरिएंटल कप 2026 का चौथा संस्करण आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया और इसके साथ ही 10 दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों, उभरती प्रतिभाओं और यादगार प्रदर्शनों का समापन हुआ।

रिकॉर्ड भागीदारी, छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरुआत और दोनों वर्गों में नए चैंपियनों के उभरने के साथ टूर्नामेंट ने अपनी विकास यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया। आयोजकों ने अगले वर्ष अधिक स्कूलों, ज्यादा भागीदारी और युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए और भी बेहतर अनुभव के साथ पांचवें संस्करण के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।

इस वर्ष के टूर्नामेंट में दिल्ली-एनसीआर की 45 से अधिक टीमों के 1,500 से अधिक छात्र-खिलाड़ियों ने भाग लिया। चौथे संस्करण में पुरस्कार राशि को दोगुने से अधिक बढ़ाया गया और 10 प्रतिभाशाली छात्र-खिलाड़ियों के लिए ₹2.5 लाख की छात्रवृत्ति योजना भी शुरू की गई।

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