गुवाहाटी : 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप का ट्रॉफी टूर गुरुवार को गुवाहाटी पहुंचा, जहां टूर्नामेंट के लगातार पांचवें संस्करण की मेज़बानी से पहले होटल विवांता में ट्रॉफी प्रदर्शन, शहर भ्रमण और प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर असम सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री बिस्वजीत दैमारी; खेल एवं युवा कल्याण विभाग के विशेष सचिव कौसर जमील हिलाली, आईएएस (सेवानिवृत्त); मेजर जनरल दिनेश कुमार सिंह, एसएम, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, बंगाल सब एरिया एवं उपाध्यक्ष, डूरंड कप आयोजन समिति;
मेजर जनरल अमित धीर, वीएसएम, चीफ ऑफ स्टाफ, गजराज कोर; ब्रिगेडियर अनुपम शर्मा, कमांडर, इन्विक्टस ब्रिगेड; अंकुर भराली, एसीएस, निदेशक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, असम सरकार; तथा गत विजेता नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी के फॉरवर्ड पार्थिब गोगोई उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने जमीनी स्तर पर फुटबॉल को मजबूत बनाने के प्रति असम की प्रतिबद्धता दोहराते हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेज़बानी के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, “फुटबॉल असम की खेल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और डूरंड कप की मेज़बानी हमारे लिए गर्व का विषय होने के साथ-साथ अगली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर भी है।
खेल मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने ट्रॉफी टूर का किया शुभारंभ, दो दिवसीय शहर भ्रमण शुरू
अब समय केवल प्रतिभा की पहचान करने का नहीं, बल्कि सुनियोजित ग्रास रूट विकास, गुणवत्ता पूर्ण आधार भूत ढांचे और निरंतर संस्थागत प्रयासों के माध्यम से नई प्रतिभाएं तैयार करने का है।
विश्वस्तरीय स्टेडियमों के साथ-साथ हमें ऐसे खेल मैदान और प्रतिस्पर्धी अवसर भी उपलब्ध कराने होंगे, जहां बच्चे कम उम्र से ही अपने कौशल को निखार सकें। यदि हम अपने युवाओं में लगातार निवेश करते रहें और भारतीय सेना जैसे संगठनों के साथ मिलकर कार्य करें, तो मुझे विश्वास है कि भारत एक मजबूत फुटबॉल राष्ट्र बन सकता है।”
इस अवसर पर मेजर जनरल दिनेश कुमार सिंह, एसएम, वीएसएम ने कहा, “डूरंड कप केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह पूरे पूर्वोत्तर भारत के युवा फुटबॉलरों को प्रेरित करने और भारतीय फुटबॉल के विकास को मजबूत करने का माध्यम भी है।
असम सरकार और हमारे सहयोगियों के साथ मिलकर हम खेल को हर उभरते खिलाड़ी तक पहुंचाने, स्थानीय प्रतिभाओं के लिए अवसर सृजित करने और भारत को विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंचों पर देखने के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
गत विजेता नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी का प्रतिनिधित्व करते हुए पार्थिब गोगोई ने क्लब की यात्रा को याद किया और आगामी अभियान को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “डूरंड कप जीतने से हमने सीखा कि सफलता दृढ़ता, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से मिलती है।
गत चैंपियन होने के बावजूद हम जानते हैं कि हर नया सीज़न शून्य से शुरू होता है। गुवाहाटी लौटना हमारे लिए बेहद खास है, क्योंकि यहां के प्रशंसकों का अद्भुत समर्थन हमें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।” समारोह के बाद डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी ने गुवाहाटी शहर के दो दिवसीय भ्रमण की शुरुआत की।
इस दौरान ट्रॉफियां असम विधानसभा, वीर लाचितबरफुकनप्रतिमा, आईआईटी गुवाहाटी और सिटी सेंटर मॉल सहित कई प्रमुख स्थलों का दौरा करेंगी, जिससे फुटबॉल प्रेमियों को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले इन ऐतिहासिक ट्रॉफियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
मेजर जनरल अमित धीर, वीएसएम, चीफ ऑफ स्टाफ, गजराज कोर ने टूर्नामेंट की गौरवशाली विरासत और भारतीय फुटबॉल पर उसके प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, “135 वर्षों से अधिक समय से डूरंड कप भारतीय फुटबॉल में उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है।
इसकी निरंतर सफलता भारतीय सशस्त्र बलों, असम सरकार और फुटबॉल समुदाय के बीच मजबूत साझेदारी का परिणाम है। यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करता है, जहां वे अपने सपनों को साकार करने और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त करते हैं।”
वर्ष 2023 से डूरंड कप की मेज़बानी करते हुए असम इस प्रतियोगिता की आधुनिक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस वर्ष गुवाहाटी में ग्रुप एफ के छह मुकाबले खेले जाएंगे,
जिनमें नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी, कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी, बोडोलैंड एफसी और एफसी 1 हिस्सा लेंगे। इनमें से तीन क्लब असम के हैं, जो भारतीय फुटबॉल में राज्य के बढ़ते योगदान को दर्शाते हैं।
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135वां इंडियन ऑयल डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2026 तक कोलकाता, शिलांग, इम्फाल, गुवाहाटी और रांची—इन पांच मेज़बान शहरों में आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट के 138 वर्षों के इतिहास में रांची पहली बार मेज़बान शहर बना है।
तीनों सेनाओं की ओर से भारतीय सेना की पूर्वी कमान तथा मेज़बान राज्य सरकारों के सहयोग से आयोजित डूरंड कप विश्व की तीसरी सबसे पुरानी जीवित फुटबॉल प्रतियोगिता है।
135वें संस्करण में श्रीलंकाई सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक विदेशी टीम सहित कुल 24 टीमें छह मैदानों पर खेले जाने वाले 43 मुकाबलों में हिस्सा लेंगी।
प्रतियोगिता का आगाज़ 25 जुलाई को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में रिकॉर्ड 17 बार के चैंपियन मोहुन बागान सुपर जायंट और 16 बार के विजेता ईस्ट बंगाल एफसी के बीच ऐतिहासिक कोलकाता डर्बी से होगा। फाइनल मुकाबला 23 अगस्त, 2026 को इसी मैदान पर खेला जाएगा।
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वर्ष 1888 में शुरू हुआ यह टूर्नामेंट आज भी भारत की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं में शामिल है और स्थापित खिलाड़ियों, उभरती प्रतिभाओं तथा सर्विसेज़ टीमों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।












