शिया पी.जी. कालेज में बी0काॅम0 प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

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लखनऊ। शिया पी.जी. कॉलेज में सोमवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के यूजी प्रथम सेमेस्टर बी0काॅम0 के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अपनी क्षमता को पहचानिए और आगे बढ़िए। आपको अपनी भूमिका को समझना होगा और उसी के अनुरूप अपने करियर में आगे बढ़ना होगा। – प्रो0 सै0 शबीहे रज़ा बाकरी, प्राचार्य

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को काॅलेज के शैक्षणिक वातावरण, सुविधाओं, अवसरों और कालेज जीवन से जुड़ी जिम्मेदारियों से परिचित कराना था।

असफलता से हमें डरना या परेशान नहीं होना चाहिए। इसके बजाय हमें उससे सीख लेकर उसे दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए। – डाॅ0 प्रदीप शर्मा, निदेशक एससीडीआरसी

नव-प्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कामर्स संकाय की प्रभारी प्रो. अंजुम अबरार ने कहा कि काॅलेज में अध्ययन एवं अकादमिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कठिन परिश्रम करने और पढ़ाई के प्रति पूरी तरह केंद्रित रहने का आह्वान किया, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि कॉलेज के कई शिक्षक महत्वपूर्ण पुस्तकों के लेखक हैं। साथ ही, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कॉलेज में नियमित रूप से विभिन्न सह-पाठ्यक्रम एवं पाठ्येतर गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

वित्त अधिकारी डाॅ0 एम.एम. एजाज अब्बास ने विद्यार्थियों को कालेज में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कॉलेज में स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय सहित अनेक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाकर कालेज का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने आगे कहा की शैक्षणिक उपलब्धियों और विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोहों में स्वर्ण पदक हासिल करने की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष कॉलेज के विद्यार्थियों ने 18 स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे कड़ी मेहनत करें और भविष्य में स्वयं भी स्वर्ण पदक हासिल कर कालेज का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि कालेज में उच्च शिक्षित और अनुभवी शिक्षक हैं, जो अपनी शिक्षण क्षमता और अकादमिक विशेषज्ञता के लिए पूरे प्रदेश में जाने जाते हैं।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो0 सै0 शबीहे रज़ा बाकरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद वे अब अपने जीवन के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कालेज जीवन विद्यार्थियों को अधिक स्वतंत्रता के साथ-साथ अधिक जिम्मेदारी भी प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं को पहचानने और अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

भारत में जेन-जी की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवा आज व्यवस्था और समाज में बदलाव लाने के प्रयास कर रहे हैं और पूरी दुनिया की निगाहें उन पर हैं। उन्होंने कहा ‘‘अपनी क्षमता को पहचानिए और आगे बढ़िए। आपको अपनी भूमिका को समझना होगा और उसी के अनुरूप अपने करियर में आगे बढ़ना होगा।’’ उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में विद्यार्थी देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण ड्राइविंग फोर्स बनेंगे।

उन्होंने कहा कि जितनी मजबूत अर्थव्यवस्था होगी, उतना ही देश मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि कालेज विद्यार्थियों के समग्र एवं सर्वांगीण विकास पर जोर देता है और उन्हें विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं पाठ्येतर गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।

एससीडीआरसी के निदेशक डाॅ0 प्रदीप शर्मा ने कहा कि अब तक विद्यार्थी स्कूल स्तर पर शिक्षा प्राप्त कर रहे थे और कालेज में प्रवेश के साथ वे अपने जीवन के एक नए चरण में पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि इस नई यात्रा में विद्यार्थियों के सामने कई चुनौतियां आएंगी और उन्हें आत्मविश्वास के साथ उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना होगा।

डाॅ0 शर्मा ने थामस एडिसन का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली के बल्ब के आविष्कार के दौरान एडिसन को कई असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने प्रयास जारी रखे और अंततः सफलता हासिल की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें असफलता से डरना या परेशान नहीं होना चाहिए, बल्कि उससे सीख लेकर उसे दूर करने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘असफलता से हमें डरना या परेशान नहीं होना चाहिए। इसके बजाय हमें उससे सीख लेकर उसे दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए।’’

डाॅ0 शर्मा ने शिया पी.जी. कालेज की शैक्षिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि काॅलेज नैक से ‘ए’ ग्रेड प्राप्त करने वाले चुनिंदा संस्थानों में शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि प्रमाण पोर्टल पर शिया पी.जी. कालेज ने उत्तर प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि दुनिया में तेजी से हो रहे सामाजिक, तकनीकी और अन्य बदलावों के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों को अपने आसपास हो रहे बदलावों को समझना चाहिए और बदलती दुनिया के साथ खुद को ढ़ालना सीखना चाहिए। इससे उन्हें नए अवसरों को पहचानने और आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।’’

कार्यक्रम में प्रो. नूरुल हसन, डाॅ0 कीर्ति प्रकाष तिवारी, डाॅ0 रज़ा शब्बीर, डाॅ0 अंकुर सिंह, डाॅ0 मसूद अब्दुल्लाह, प्रो. सै0 शुजात हुसैन, डाॅ0 मीसम मुबारक और डाॅ0 अम्बरीष सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों से अपने कालेज जीवन का अधिकतम लाभ उठाने, शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने, पाठ्येतर गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करके अपनी क्षमताओं को विकसित करने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।

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