हाईलाइट्स
- गोलरक्षकों के लिए पहली बार विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
- लेह में 9 से 13 नवंबर तक होगा आयोजन
नई दिल्ली। हिमालयी क्षेत्रों में आइस हॉकी को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से रॉयल एनफील्ड ने अपने आइस हॉकी विकास कार्यक्रम के चौथे सत्र की घोषणा की है।
इस सत्र में लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, गोलरक्षकों और निर्णायकों को प्रशिक्षण देकर खेल से जुड़ी स्थानीय विशेषज्ञता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इसकी शुरुआत पहली बार आयोजित किए जा रहे विशेष गोलरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम से होगी।
यह कार्यक्रम 9 से 13 नवंबर तक लेह के नॉवांग दोरजे स्तोब्दान (एनडीएस) स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय गोलरक्षक प्रशिक्षक मैट डार्लो करेंगे।
वह लद्दाख और स्पीति के गोलरक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद लेह, देहरादून और गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
निर्णायकों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय आइस हॉकी महासंघ (आईआईएचएफ) से प्रमाणित विशेषज्ञ पीटर गेबी संभालेंगे। उन्हें खिलाड़ी, निर्णायक और निर्णायक प्रशिक्षक के रूप में चार दशक से अधिक का अनुभव है। वह लगातार दूसरे वर्ष इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
जनवरी-फरवरी में होंगी प्रमुख प्रतियोगिताएं
प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बाद इस सत्र के तहत दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक जमीनी स्तर पर ‘लर्न टू प्ले’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
वहीं, जनवरी-फरवरी 2027 में रॉयल एनफील्ड आइस हॉकी लीग (आरईआईएचएल) और स्पीति कप का आयोजन होगा। लेह में होने वाली आरईआईएचएल लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों की टीमों को मंच देगी, जबकि स्पीति कप के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के गांवों में आइस हॉकी को बढ़ावा दिया जाएगा।
आरईआईएचएल का आयोजन लद्दाख प्रशासन और आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ लद्दाख के सहयोग से किया जाएगा। वहीं, स्पीति कप के लिए रॉयल एनफील्ड आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ लाहौल-स्पीति के साथ साझेदारी करेगा। दोनों प्रतियोगिताएं रॉयल एनफील्ड के साथ साझेदारी के चौथे वर्ष में प्रवेश कर रही हैं।
स्थानीय समुदायों को खेल से जोड़ने पर जोर
आइशर ग्रुप फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक बिदिशा डे ने कहा कि हिमालय में आइस हॉकी स्थानीय समुदायों से जुड़ा खेल है।
कार्यक्रम का उद्देश्य खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देकर ऐसी स्थानीय क्षमता विकसित करना है, जिससे समुदाय अपने स्तर पर इस खेल को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि चौथे सत्र में स्थानीय विशेषज्ञता को मजबूत करने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कौशल से परिचित कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पिछले सत्र में लद्दाख और स्पीति की टीमों ने लिया हिस्सा
रॉयल एनफील्ड आइस हॉकी लीग और स्पीति कप के 2026 संस्करण में पुरुष और महिला वर्ग की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। स्पीति कप में अंडर-18 बालक वर्ग को भी शामिल किया गया था।
आरईआईएचएल में पुरुष वर्ग की 11 और महिला वर्ग की पांच टीमों ने भाग लिया। इस संस्करण में पहली बार खारू की टीमों ने भी हिस्सा लिया। वहीं, स्पीति कप की वरिष्ठ पुरुष प्रतियोगिता में लाहौल की टीम ने पहली बार भागीदारी की।
आरईआईएचएल के पुरुष वर्ग में हुमास वॉरियर्स और महिला वर्ग में शा मिगल्स ने खिताब जीता। स्पीति कप में सेंट्रल जोन ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के खिताब अपने नाम किए, जबकि अंडर-18 वर्ग का खिताब शाम जोन ने जीता।
हिमालय की संस्कृति और खेल को भी मिलेगा मंच
रॉयल एनफील्ड की हिमालयी समुदायों के साथ भागीदारी खेल आयोजनों तक सीमित नहीं है। इसी कड़ी में ‘जर्नींग अक्रॉस द हिमालयाज’ का तीसरा संस्करण 3 से 9 दिसंबर 2026 तक नई दिल्ली के त्रावणकोर पैलेस में आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन में हिमालय और वहां के लोगों की कहानियों को सामने लाने के साथ आइस हॉकी से जुड़ा विशेष अनुभव भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसके तहत खिलाड़ियों के विश्राम कक्ष की प्रतिकृति तैयार की जाएगी, जिससे आगंतुकों को इस खेल और हिमालयी समुदायों के जीवन में इसके महत्व को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
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