लखनऊ। प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कारागारों को आधुनिक, सुरक्षित और सुधारोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
जेलों में बंदियों के पुनर्वास, नैतिक मूल्यों के विकास, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
सर्वश्रेष्ठ 31 प्रशिक्षु सम्मानित, 91 अधिकारी व जेल वार्डर पासिंग आउट परेड में शामिल
कारागार मंत्री सोमवार को कारागार मुख्यालय स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ में आयोजित कारागार अधिकारी संवर्ग (123वां सत्र) एवं जेल वार्डर संवर्ग (179वां सत्र) की पासिंग आउट परेड एवं दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित, अनुशासित और संवेदनशील कारागार कर्मी ही सुरक्षित एवं प्रभावी कारागार व्यवस्था की आधारशिला हैं। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, मानवाधिकारों के संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा बंदियों के पुनर्वास जैसे विषयों पर विशेष बल दिया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सभी प्रशिक्षु ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।समारोह की शुरुआत कारागार मंत्री द्वारा परेड का निरीक्षण एवं सलामी लेने के साथ हुई।
पासिंग आउट परेड में कुल 91 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिनमें छत्तीसगढ़ के छह जेल अधीक्षक, तीन सहायक जेल अधीक्षक, उत्तर प्रदेश के तीन डिप्टी जेलर तथा 79 जेल वार्डर शामिल रहे।
इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी अधिकारियों एवं जेल वार्डरों को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई।
अधिकारी संवर्ग में जिला कारागार गरियाबंद (छत्तीसगढ़) के जेल अधीक्षक टामन को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी का पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं जेल वार्डर संवर्ग में जिला कारागार बागपत (उत्तर प्रदेश) के अतुल यादव को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी घोषित किया गया।
कार्यक्रम में महानिदेशक कारागार पीसी मीना ने कहा कि लखनऊ स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान देश ही नहीं, बल्कि एशिया का पहला कारागार प्रशिक्षण संस्थान है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए कारागार अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक संस्थान में 1,681 अधिकारियों तथा 13,266 जेल वार्डरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह में पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार एससी शाक्य एवं प्रदीप गुप्ता, उपमहानिरीक्षक कारागार शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय एवं पीएन पांडेय, सहायक महानिरीक्षक कारागार (छत्तीसगढ़) अमित शांडिल्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल, वित्त नियंत्रक आबिद अली अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।












