लखनऊ। राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर ICAR–भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ISRI), लखनऊ एवं कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में मलिहाबाद स्थित श्री गोपेश्वर गौशाला में महिला किसान जागरूकता एवं तकनीकी प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. ए.के. दुबे एवं डॉ. कविता कुमारी ने किया।

इसमें मलिहाबाद एवं आसपास के लगभग 12 गांवों से 147 महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में 25 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) तथा 3 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। ग्राम प्रधान विजय नंदिनी ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर महिला किसानों का उत्साहवर्धन किया। श्री गोपेश्वर गौशाला के प्रबंधक उमाकांत गुप्ता ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई और आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, श्रम-बचत कृषि यंत्रों, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर सफल महिला किसानों सुमिता, अंजनी गौतम, मीना, स्वरूप कुमारी, रीता देवी, उषा, ज्योति, मोनिका गुप्ता एवं उषा रावत ने अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने प्राकृतिक खेती, नर्सरी उत्पादन, अचार निर्माण, कृषि अपशिष्ट प्रबंधन तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की। उनकी सफलता की कहानियों ने अन्य महिला किसानों को कृषि एवं कृषि-आधारित उद्यमों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
तकनीकी सत्र के दौरान डॉ. अनिता स्वानानी ने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मूल्य संवर्धित गुड़ उत्पादों की जानकारी दी। उन्होंने कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावनाओं से भी अवगत कराया।
डॉ. हिमांशु पांडेय ने आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन कर महिला किसानों को श्रम एवं समय की बचत करने वाली तकनीकों के बारे में बताया। साथ ही, पीले एवं नीले स्टिकी ट्रैप के उपयोग द्वारा कीट निगरानी एवं प्रबंधन की जानकारी प्रदान की गई। डॉ. मृणालिनी कंचेती ने भी कार्यक्रम के संपूर्ण समन्वय में सक्रिय सहभागिता निभाई।
डॉ. ए.के. दुबे के मार्गदर्शन में कृषि ड्रोन का प्रदर्शन किया गया, जिसमें आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक एवं प्रभावी बनाने की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त, आम से रेडी-टू-सर्व (RTS) पेय पदार्थ तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जिससे महिला किसान कृषि उपज के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से नए उद्यम विकसित कर सकती हैं।
डॉ. कविता कुमारी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं तथा महिला किसानों के लिए उपलब्ध सहायता एवं अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने महिला किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा कृषि-आधारित उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समग्र समन्वय एवं सफल आयोजन में राम लखन शाक्य, मनीष एवं विवेक कुमार ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों की सहभागिता ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सामूहिक शक्ति, उद्यमशीलता और कृषि विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।













