महोबा। हर गांव के घर-घर तक नल से जल पहुंचाने की मुहिम में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का असर दिखने लगा है। परियोजना पूरी होने के बाद अब ग्रामवासियों को जलापूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
इसी कड़ी में शनिवार को महोबा जिले के शिवहर गांव को जल अर्पण समारोह का आयोजन किया गया और ग्रामवासियों को जलापूर्ति की व्यवस्था सौंपी गई।
मिशन निदेशक बोले- पानी बचाने से ही बनी रहेगी निर्बाध जलापूर्ति
गौरतलब है कि राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन प्रदेश के 100 प्रतिशत पाइप्ड वॉटर सप्लाई वाले गांवों में जल अर्पण दिवस का आयोजन कर ग्रामवासियों को जलापूर्ति की व्यवस्था सौंप रहा है।
अब गांव में जलापूर्ति व्यवस्था का जिम्मा ग्राम पंचायत को
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को भी इसी तरह से नल से जल मिलता रहे इसके लिए जरूरी है कि पानी को बचाया जाए और ये जिम्मेदारी सभी ग्रामवासियों को मिलकर निभानी है।
इस व्यवस्था को बचाकर रखना होगा, नहीं तो आने वाली पीढ़ी को कष्ट होगा। कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन के डायरेक्टर वाई के सिंह ने कहा कि पाइपलाइन से पानी आने के बाद अब ग्रामवासियों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। ऐसे में जल संरक्षण पर जोर देना होगा।
पानी बचेगा तभी आने वाली पीढ़ी को भी मिलता रहेगा नल से जल
जरूरत के हिसाब से पानी का इस्तेमाल करना होगा। जिससे पानी को बचाया जा सके। जल अर्पण के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आल्हा के जरिए ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छ जल पीने के लिए सचेत किया।
कार्यक्रम की शुरूआत से पहले स्थानीय स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकालकर पूरे गांव को जल संरक्षण व स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद बच्चों ने गांवों के नल कनेक्शन को राखी बांधकर जल बंधन कार्यक्रम किया।
इसका मकसद जल संरक्षण के महत्व को समझाना था। बच्चों और ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संकल्प भी लिया। पानी की गुणवत्ता जांचने वाली एफटीके महिलाओं को इस मौके पर सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया गया।
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