लखनऊ। गांधी व शास्त्री जयंती के अवसर पर कारागार मुख्यालय, लखनऊ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर कारागार प्रशासन में गांधी जी के सत्य, अहिंसा, सादगी और मानवता के आदर्शों को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
पीसी मीना ने महापुरुषों के चित्र पर किया माल्यार्पण
कार्यक्रम में महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश पीसी मीना ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेन्द्र सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक कारागार प्रदीप गुप्ता एवं सुभाष चन्द्र शाक्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुरक्षा के साथ सुधार और पुनर्वास पर जोर
अपने संबोधन में पीसी मीना ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा, सादगी, नैतिकता और मानवता के आदर्शों को कारागार प्रशासन की कार्यसंस्कृति में शामिल करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कारागार व्यवस्था में सुरक्षा एवं अनुशासन के साथ सुधार, पुनर्वास तथा मानवीय दृष्टिकोण को भी महत्व दिया जाना आवश्यक है।
शिक्षा और कौशल विकास से सकारात्मक बदलाव
उन्होंने बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के लिए शिक्षा, कौशल विकास, योग एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा सकता है।
कारागारों को सुधारोन्मुख बनाने का संकल्प
समारोह के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कारागारों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ, अनुशासित एवं सुधारोन्मुख बनाने के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को उपहार भी वितरित किए गए।
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