उम्र को मात देकर करिश्मा करने वाले लखनऊ के मास्टर तैराकों का हुआ सम्मान

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लखनऊ। उम्र को अपनी राह की बाधा न बनने देते हुए लखनऊ के मास्टर तैराकों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और खेल के प्रति जुनून का परिचय दिया। इन तैराकों ने बेंगलुरु में 4 से 10 अक्टूबर 2026 तक हुई द्वितीय एशियन मास्टर्स स्वीमिंग चैंपियनशिप में दम दिखाते हुए एक स्वर्ण, दो रजत व सात कांस्य पदक सहित दस पदक जीतते हुए शहर का गौरव बढ़ाया।

बेंगलुरु में द्वितीय एशियन मास्टर्स स्वीमिंग चैंपियनशिप में जीते थे एक स्वर्ण, दो रजत व सात कांस्य पदक

इन खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले अन्य वरिष्ठ तैराकों को भी सम्मानित किया गया। लखनऊ जिला स्वीमिंग एसोसिएशन की ओर से अवध जिमखाना क्लब में आयोजित समारोह में खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की गई।

समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय व विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डॉ. सैयद रफत जुबैर रिजवी ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने कहा कि मास्टर तैराकों ने साबित किया है कि खेल के प्रति लगन और नियमित अभ्यास से किसी भी उम्र में उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उनका प्रदर्शन युवाओं के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो उम्र बढ़ने के साथ खेल से दूरी बना लेते हैं।

डॉ. सैयद रफत जुबैर रिजवी ने कहा कि लखनऊ के वरिष्ठ तैराकों की यह उपलब्धि शहर के खेल जगत के लिए गर्व की बात है। प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी और पदक जीतने का उनका जज्बा खेल संस्कृति को मजबूत करने में मददगार है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. आरके स्वर्णकार (आईपीएस एवं एडीजी यूपी पुलिस) ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, निरंतरता और स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। अतिथियों का स्वागत उत्तर प्रदेश टेनिस एसोसिएशन के सचिव पुनीत अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के सचिव सुधीर शर्मा ने किया।

इस चैंपियनशिप में 74 साल के प्रकाश अवस्थी ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक में स्वर्ण पदक जीता। बीएसएनएल से सेवानिवृत्त प्रकाश अंतरराष्ट्रीय तैराक हैं।

78 वर्ष के राधेश्याम गुप्ता और 58 वर्ष के देवेंद्र शुक्ला ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक में रजत पदक हासिल किए। राधेश्याम शिक्षण के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी तैराकी में सक्रिय हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय गोताखोर देवेंद्र वर्तमान में कस्टम विभाग में कार्यरत हैं।

65 साल की सुमन चौधरी ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक, 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और रिले में तीन कांस्य पदक जीते। अंतरराष्ट्रीय तैराक एवं गोताखोर सुमन सचिवालय से सेवानिवृत्त हैं।

71 वर्ष के राकेश शुक्ला ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक और रिले में दो कांस्य पदक हासिल किए। अंतरराष्ट्रीय मास्टर एथलीट, तैराक एवं गोताखोर राकेश डीआईजी, निबंधन पद से सेवानिवृत्त हैं। रेलवे से सेवानिवृत्त 62 वर्ष के नितिन वार्ष्णेय ने रिले में कांस्य पदक जीता।

वहीं, लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित पुष्पा मिश्रा ने 50 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक हासिल किया। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में कार्यरत 52 वर्ष की पुष्पा मिश्रा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैराकी एवं गोताखोरी में पदक जीत चुकी हैं।

इस चेंपियनशिप में लखनऊ के 17 खिलाड़ियो ने प्रतिभाग किया था। पदक विजेताओं के अलावा विकास अवस्थी, डॉ. वीएम खरे, दिनेश श्रीवास्तव, श्याम नारायण गुप्ता, सीमा यादव, संदीप अरोड़ा, राकेश सोनकर, अनुराधा खन्ना, प्रभात मिश्रा और सुबोध मिश्रा ने भी प्रतिभाग किया था। इन सभी ने साबित कर दिया कि खेल के प्रति जुनून और कुछ कर दिखाने का जज्बा उम्र का मोहताज नहीं होता।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी हीरा लाल यादव, रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. आईडी शर्मा, सीए एसएम द्विवेदी, पूर्व चीफ कमिश्नर आयकर पीएन पाठक, लखनऊ जिला स्वीमिंग एसोसिएशन के निदेशक रविन कपूर, एडवोकेट पारितोष शर्मा एवं अमोल श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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