खिलाड़ी से कोच तक, राजिंदर के हॉकी सफर को पीएम मोदी ने सराहा

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© Adimazes/Roundglass

मोहाली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड के दौरान राउंडग्लास हॉकी अकादमी के तकनीकी प्रमुख राजिंदर सिंह सीनियर के भारतीय हॉकी में योगदान और जमीनी स्तर पर हॉकी प्रतिभाओं को पहचानने तथा उन्हें विकसित करने के अकादमी के प्रयासों की सराहना की।

पंजाब के गांवों में युवा खिलाड़ियों को मौका देने के काम की प्रधानमंत्री ने की तारीफ

खेल प्रतिभाओं को पहचानने के लिए गांवों और कस्बों तक पहुंचने की आवश्यकता पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से राजिंदर सिंह सीनियर के भारतीय हॉकी में योगदान और राउंडग्लास हॉकी अकादमी के माध्यम से इस खेल के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों का उल्लेख किया।

हॉकी के इस दिग्गज के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा, “हमारे पंजाब में यही काम राजिंदर सिंह जी कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “वे राउंडग्लास हॉकी अकादमी के माध्यम से अपने जुनून को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयासों से गांवों में नई हॉकी एस्ट्रो-टर्फ बिछाई जा रही हैं।

राजिंदर जी का फोकस एकदम क्लियर है—ऐसे गांवों में बच्चों की पहचान करना, जहां बेहतरीन कोचिंग सुविधाओं तक पहुंच सीमित है। ऐसे प्रयासों के माध्यम से कई खिलाड़ी भारत के जूनियर और सीनियर स्तर पर अपनी जगह बना रहे हैं। राजिंदर सिंह जी के समर्पण की जितनी भी सराहना की जाए, वह कम है।”

राउंडग्लास हॉकी अकादमी के माध्यम से हॉकी के इस दिग्गज खिलाड़ी ने अपने अनुभव और खेल के प्रति जुनून को भारतीय हॉकी की अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया है। इसका विशेष ध्यान गांवों और ऐसे समुदायों से उभरने वाली प्रतिभाओं पर है, जहां गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और खेल सुविधाओं तक पहुंच सीमित हो सकती है।

2021 में स्थापना के बाद से राउंडग्लास हॉकी अकादमी ने खुद को भारत की प्रमुख हॉकी अकादमियों में स्थापित किया है और अब तक 40 से अधिक खिताब अपने नाम किए हैं।

इस प्रगति में राजिंदर सिंह सीनियर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अकादमी हॉकी इंडिया जूनियर पुरुष अकादमी चैंपियनशिप तीन बार जीत चुकी है और इस वर्ष की शुरुआत में सिडनी में आयोजित इंटरनेशनल हॉकी यूथ कप का खिताब जीतकर ऑस्ट्रेलिया में खिताब जीतने वाली पहली भारतीय हॉकी अकादमी बनी।

भारत की सबसे बड़ी अंडर-21 हॉकी लीग, पंजाब हॉकी लीग, और पीएचएल नेक्सजेन – गर्ल्स 5s जैसी पहलों के माध्यम से राउंडग्लास हॉकी अकादमी अगली पीढ़ी के हॉकी खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक अवसर और आगे बढ़ने के रास्ते तैयार कर रही है।

अकादमी ने कई ऐसे खिलाड़ियों को भी तैयार किया है, जिन्होंने विभिन्न आयु वर्गों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें सीनियर स्तर भी शामिल है।

इनमें 2025 जूनियर हॉकी विश्व कप के कांस्य पदक विजेता प्रिंसदीप सिंह, गुरजोत सिंह और अर्शदीप सिंह के साथ-साथ गुरसेवक सिंह भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में भारत को 2026 जूनियर एशिया कप का खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके अलावा भी अकादमी से कई अन्य खिलाड़ी भारतीय टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने राजिंदर सिंह सीनियर के खिलाड़ी के रूप में करियर का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने उनके ओलंपिक स्वर्ण पदक और 1982 हॉकी विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन को याद किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय कोच के रूप में हॉकी के इस दिग्गज के योगदान की भी सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “वे 1980 ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण पदक जितने वाले टीम का हिसा थे। वे 1982 विश्व कप में भी छाये रहे थे।। 2001 में भारत ने पहली बार पुरुष जूनियर विश्व कप का खिताब जीता था, वहीं 2003 में देश ने सीनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया था। इन दोनों टूर्नामेंटों में उन्होंने कोच की भूमिका निभाई थी।”

प्रधानमंत्री द्वारा की गई इस सराहना पर प्रतिक्रिया देते हुए राउंडग्लास हॉकी अकादमी के तकनीकी प्रमुख राजिंदर सिंह सीनियर ने कहा, “राउंडग्लास हॉकी अकादमी के माध्यम से हम जो काम कर रहे हैं, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहचान मिलना हमारे लिए बड़े सम्मान की बात है।

हॉकी मेरी जिंदगी रही है—पहले एक खिलाड़ी के रूप में, फिर एक कोच के रूप में और अब अगली पीढ़ी के लिए अवसर तैयार करने के हमारे प्रयासों के माध्यम से। प्रधानमंत्री के शब्द हम सभी के लिए बहुत बड़े प्रोत्साहन का स्रोत हैं। “यह सम्मान गुरप्रीत सनी सिंह के विजन के बिना संभव नहीं होता,

जिन्होंने जमीनी स्तर की हॉकी में निवेश करने और युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने के रास्ते तैयार करने की प्रतिबद्धता के साथ राउंडग्लास हॉकी अकादमी की स्थापना की।

उनके निरंतर सहयोग ने हमें पंजाब के उन अनछुए इलाकों तक पहुंचने में सक्षम बनाया है, जहां प्रतिभाएं अक्सर पहचान से वंचित रह जाती हैं, और युवा खिलाड़ियों को खेल में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कोचिंग, बुनियादी ढांचा और अवसर उपलब्ध कराने में मदद की है।”

यह सम्मान देशभर में छिपी प्रतिभाओं को तलाशकर भारत में फील्ड हॉकी के प्रति जुनून को फिर से मजबूत करने के राउंडग्लास हॉकी अकादमी के व्यापक मिशन को और मजबूती प्रदान करता है। अकादमी युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे, उपकरण और कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराती है।

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