जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेसिज लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) गुरुवार, 15 अक्टूबर को खुलेगा। निवेशक सोमवार, 19 अक्टूबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया बुधवार, 14 अक्टूबर को होगी। कंपनी ने आईपीओ के लिए प्रति इक्विटी शेयर 143 से 151 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य एक रुपये है।
आईपीओ में निवेश के लिए न्यूनतम 99 इक्विटी शेयरों की बोली लगानी होगी। इसके बाद 99 शेयरों के गुणक में आवेदन किया जा सकेगा। इस आधार पर ऊपरी मूल्य दायरे पर खुदरा निवेशक के लिए न्यूनतम आवेदन राशि 14,949 रुपये होगी।
2,830 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू
कंपनी के आईपीओ में 2,830 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत 1 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 14,45,25,036 इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे। इस प्रकार निर्गम में नए शेयर जारी करने के साथ मौजूदा शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का अवसर भी मिलेगा।
संस्थागत निवेशकों के लिए 75 प्रतिशत हिस्सा
आईपीओ बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से लाया जा रहा है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के संबंधित नियमों के अनुसार, निर्गम के शुद्ध हिस्से का कम से कम 75 प्रतिशत पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन हेतु उपलब्ध रहेगा।
कंपनी बुक रनिंग लीड मैनेजरों से परामर्श के बाद क्यूआईबी हिस्से के अधिकतम 60 प्रतिशत शेयर एंकर निवेशकों को विवेकाधीन आधार पर आवंटित कर सकती है।
एंकर निवेशकों के लिए निर्धारित हिस्से में से 40 प्रतिशत हिस्सा कुछ विशेष संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा। इसमें 33.33 प्रतिशत घरेलू म्यूचुअल फंड और 6.67 प्रतिशत जीवन बीमा कंपनियों तथा पेंशन फंड के लिए होगा। यदि जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड के लिए निर्धारित हिस्से की पूरी सदस्यता नहीं मिलती है, तो शेष शेयर घरेलू म्यूचुअल फंड को आवंटित किए जा सकते हैं।
एंकर निवेशकों के हिस्से में कम सदस्यता मिलने या आवंटन नहीं होने की स्थिति में बचे हुए शेयर एंकर निवेशक हिस्से से अलग क्यूआईबी श्रेणी में जोड़ दिए जाएंगे।
म्यूचुअल फंड के लिए अलग प्रावधान
शुद्ध क्यूआईबी हिस्से का पांच प्रतिशत केवल म्यूचुअल फंड के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन हेतु उपलब्ध रहेगा। शेष हिस्सा म्यूचुअल फंड सहित अन्य पात्र संस्थागत खरीदारों के लिए खुला रहेगा, हालांकि इसमें एंकर निवेशक शामिल नहीं होंगे। यह आवंटन निर्गम मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त होने की शर्त पर किया जाएगा।
यदि म्यूचुअल फंड की कुल मांग उनके लिए निर्धारित पांच प्रतिशत हिस्से से कम रहती है, तो बचा हुआ हिस्सा अन्य पात्र संस्थागत खरीदारों को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जा सकेगा।
गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा
आईपीओ के शुद्ध निर्गम का अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए उपलब्ध रहेगा। इस श्रेणी के तहत एक-तिहाई हिस्सा दो लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। वहीं, दो-तिहाई हिस्सा 10 लाख रुपये से अधिक के आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए निर्धारित रहेगा।
यदि किसी उपश्रेणी में निर्धारित हिस्से की पूरी सदस्यता नहीं मिलती है, तो बचा हुआ हिस्सा सेबी के लागू नियमों के अनुसार दूसरी उपश्रेणी के निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है। आईपीओ से संबंधित विस्तृत जानकारी कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में उपलब्ध है।













