अर्थशॉट प्राइज 2026 की फाइनलिस्ट में महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी शामिल

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साभार सोशल मीडिया

मुंबई: महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड (MLMML) को द अर्थशॉट प्राइज 2026 के 15 वैश्विक फाइनलिस्ट में जगह मिली है। कंपनी इस सूची में शामिल एकमात्र भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनी और एकमात्र कॉरपोरेट है।

प्रिंस विलियम द्वारा 2020 में शुरू किए गए द अर्थशॉट प्राइज के तहत दुनिया की गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने वाले प्रभावी समाधानों को पहचान और समर्थन दिया जाता है।

15 ग्लोबल फाइनलिस्ट में इकलौती कॉर्पोरेट और इकलौती ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर

महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी को ‘क्लीन अवर एयर’ श्रेणी में इलेक्ट्रिक लास्ट-माइल ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में उसके काम के लिए चुना गया है। पांचों अर्थशॉट श्रेणियों में तीन-तीन फाइनलिस्ट चुने गए हैं। प्रत्येक श्रेणी के विजेता को 17 नवंबर को होने वाले पुरस्कार समारोह में 10 लाख पाउंड की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

4 लाख से ज़्यादा महिंद्रा इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स ने 9 बिलियन+ किलोमीटर का सफ़र किया है, जिससे ~185,000 मीट्रिक टन CO2 एमिशन से बचने में मदद मिली है। महिंद्रा के लिए लास्ट-माइल मोबिलिटी को इलेक्ट्रिक बनाने का उद्देश्य केवल कार्बन उत्सर्जन कम करना नहीं, बल्कि लोगों की आजीविका को मजबूत करना भी है।

भारत में थ्री-व्हीलर और छोटे कमर्शियल वाहन ड्राइवरों, दुकानदारों, डिलीवरी पार्टनर्स और छोटे कारोबारियों के लिए कमाई का महत्वपूर्ण साधन हैं। कंपनी के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों की परिचालन लागत कम होने और कमाई की क्षमता बेहतर होने से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी माइक्रो-एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दिया है।

साथ ही इससे वाहनों से होने वाला उत्सर्जन कम करने और शहरों की हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिली है। एमएलएमएमएल ने 4 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं।

इन वाहनों ने अब तक सामूहिक रूप से 9 अरब किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है और अनुमानित तौर पर करीब 1.85 लाख मीट्रिक टन CO2 उत्सर्जन को रोकने में मदद की है।

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एमएलएमएमएल ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर इस बदलाव के साथ ग्राहकों के लिए सहायता कार्यक्रम भी विकसित किए हैं। इनमें UDAY NXT कार्यक्रम शामिल है,

जिसके तहत ड्राइवरों को दुर्घटना बीमा और वित्तीय परामर्श जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन मालिक-ड्राइवरों और उनके परिवारों के कल्याण तथा वित्तीय मजबूती पर भी ध्यान देना है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं ऑटो एंड फार्म सेक्टर के सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा, “लास्ट-माइल मोबिलिटी बड़े स्तर पर पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव पैदा कर सकती है।

आज सड़कों पर चल रहे 4 लाख से अधिक महिंद्रा इलेक्ट्रिक वाहन हर दिन 4 लाख आजीविकाओं को सहारा देने में मदद कर रहे हैं। इनमें से कई ग्राहकों के लिए ये वाहन कामकाजी संपत्ति हैं, जो उनके परिवारों को सहारा देते हैं और छोटे स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं।

द अर्थशॉट प्राइज की फाइनलिस्ट सूची में शामिल होना ऐसे मॉडल की पहचान है, जिसमें स्वच्छ मोबिलिटी, ग्राहकों की समृद्धि और बड़े स्तर पर विस्तार एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। इससे हमारा यह विश्वास भी मजबूत होता है कि भारत में सफल साबित हो चुके समाधान दूसरे बाजारों में भी प्रासंगिक हो सकते हैं।”

महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सुमन मिश्रा ने कहा, “हमारे लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का प्रभाव उन ड्राइवरों और उद्यमियों के जीवन में रोजाना दिखाई देता है, जिनकी आय इन वाहनों पर निर्भर है।

जब इलेक्ट्रिक वाहन ग्राहक के लिए आर्थिक रूप से बेहतर विकल्प बन जाते हैं, तो स्वच्छ मोबिलिटी तेजी से आगे बढ़ सकती है। हम आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव और पर्यावरणीय लाभ के इस संयोजन को बड़े स्तर पर देख रहे हैं।

द अर्थशॉट प्राइज से मिली यह पहचान हमें भारत और अन्य देशों में भी इस मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है।” भारत में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की ओर बढ़ते बदलाव के बड़े पैमाने ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।

फाइनलिस्ट की घोषणा से पहले लखनऊ से की गई रिपोर्टिंग में ब्रिटेन के द संडे टाइम्स ने बताया कि इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा किस तरह स्थानीय उत्सर्जन कम करने के साथ-साथ ड्राइवरों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही की अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं।

रिपोर्ट में ऐसे ड्राइवरों के अनुभव भी बताए गए, जिनके इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन से हुई बचत ने सीधे तौर पर परिवार की आय बढ़ाने और संपत्ति बनाने में योगदान दिया है।

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प्रिंस विलियम ने महिंद्रा के काम को “एक ऐसा व्यावहारिक समाधान बताया, जो पहले से ही बड़े स्तर पर काम कर रहा है और लोगों के शहरों में आने-जाने के तरीके को बदल रहा है।”

महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी दुनिया भर से चुने गए अर्थशॉट प्राइज 2026 के 15 फाइनलिस्टों के विविध समूह का हिस्सा है। अन्य फाइनलिस्ट में Ørsted, महिला हाउसिंग ट्रस्ट, AirQo,

सैटेलाइट्स ऑन फायर, पुला, सिटी ऑफ बार्सिलोना, भूटान, इंडिजिनस डेज़र्ट अलायंस, येलोस्टोन टू यूकोन कंजर्वेशन इनिशिएटिव, जीरो एमिशन मैरीटाइम बायर्स अलायंस (ZEMBA), नियू ओशन वाइड ट्रस्ट, PFAS-फ्री फ्रांस, साउथ कोरिया जीरो वेस्ट मूवमेंट नेटवर्क और मदर अर्थ फाउंडेशन शामिल हैं।

द अर्थशॉट प्राइज के पांच विजेताओं की घोषणा 17 नवंबर 2026 को मुंबई में आयोजित होने वाली अर्थशॉट प्राइज अवार्ड्स नाइट में की जाएगी।

गौरतलब है कि हिज़ रॉयल हाइनेस प्रिंस विलियम द्वारा शुरू किया गया, अर्थशॉट प्राइज़ हर साल दुनिया भर में 15 सॉल्यूशन चुनता है, जो बड़े पैमाने पर एनवायरनमेंटल असर डालने की उनकी क्षमता के आधार पर होते हैं।

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