लखनऊ : पी. डी. हिंदुजा अस्पताल एवं मेडिकल रिसर्च सेंटर और उत्तर प्रदेश सरकार के स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी-यूपी) ने राज्य के 35 जिलों में मातृ एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए साझेदारी की है। इस कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने की।
सेविंग लाइव्स. बिल्डिंग ए हेल्दीयर भारत’ पहल के तहत अस्पताल ने उत्तर प्रदेश में हिंदुजा मोबाइल हेल्थ यूनिट की शुरुआत की, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दिखाई हरी झंडी
लखनऊ स्थित राम प्रकाश गुप्ता मातृत्व एवं शिशु राज्य रेफरल अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पूरी तरह सुसज्जित हिंदुजा मोबाइल हेल्थ यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं तकनीकी टीमों से लैस ये मोबाइल यूनिट मौके पर ही जांच, परामर्श और जरूरत पड़ने पर रेफरल सहायता उपलब्ध कराएगी। STC-UP जिला स्तर पर समन्वय, प्रशासनिक मंजूरियों तथा स्कूलों और सामुदायिक स्थलों तक पहुंच सुनिश्चित करने में सहयोग करेगा, ताकि इस कार्यक्रम को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जा सके।

कार्यक्रम का मुख्य फोकस दो प्रमुख लाभार्थी समूहों पर रहेगा। पहला ‘मातृशक्ति’, जिसमें मुख्यमंत्री मातृत्व सुरक्षा संकल्प योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं शामिल हैं। दूसरा ‘युवा’, जिसके तहत 13 से 19 वर्ष आयु के किशोर-किशोरियों को सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों तथा सामुदायिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।
यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम पी. डी. हिंदुजा अस्पताल की राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहल ‘सेविंग लाइव्स. बिल्डिंग ए हेल्दीयर भारत’ का हिस्सा है। इस पहल का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 24 फरवरी 2026 को मुंबई के लोक भवन में अस्पताल की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया था। वर्षभर चलने वाली यह पहल अस्पताल की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने और स्वस्थ एवं समृद्ध विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “मैं हिंदुजा ग्रुप का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने देश के स्तर पर यह महत्वपूर्ण पहल की है।
इस पहल का उद्देश्य हमारी माताओं और बच्चों – जो आने वाले भारत के भविष्य की नींव हैं – को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि माताएं स्वस्थ रहें और उन्हें जीवन के साथ-साथ प्रसव से जुड़ी सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों।
मुझे गर्व है कि इस महत्वपूर्ण अभियान का शुभारंभ भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा किया गया था। मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने का यह प्रयास सराहनीय है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हिंदुजा हॉस्पिटल के इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी और हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।”
अशोक पी. हिंदुजा, चेयरमैन, पी. डी. हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर ने कहा, “जब हमने अपनी ७५वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘जीवन बचाना, स्वस्थ भारत का निर्माण’ पहल शुरू की थी, तब हमने यह संकल्प लिया था कि पी. डी. हिंदुजा अस्पताल के अनुभव और विशेषज्ञता को अस्पताल की चारदीवारी से बाहर निकालकर देशभर के समुदायों तक पहुँचाया जाएगा।
हमारी यह पहल वर्ष २०४७ तक एक स्वस्थ और समृद्ध ‘विकसित भारत’ के निर्माण के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में यह पहल हमारे संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस सहयोग के माध्यम से हम माताओं और किशोरों के स्वास्थ्य एवं देखभाल को बेहतर बनाने के लिए राज्य के स्वास्थ्य ढाँचे और प्रयासों को सशक्त बनाने तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने की आशा करते हैं। हम उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आभारी हैं कि उन्होंने हमें इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया।”
भारत में सेशेल्स की उच्चायुक्त एच.ई. हरिसोआ ललाटियाना अकूश भी बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में मौजूद रहीं। इस अवसर पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह, आरएमएल के निदेशक डॉ. सी. एम. सिंह, पी. डी. हिंदुजा अस्पताल के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जॉय चक्रवर्ती और हिंदुजा ग्रुप लिमिटेड के ग्रुप प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट अफेयर्स डॉ. एस. के. चड्ढा भी उपस्थित थे।
इस साझेदारी के माध्यम से पी. डी. हिंदुजा अस्पताल और उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्यभर में मातृ एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना, समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को मजबूत करना है।













