अभिनेत्री रानी मुखर्जी को इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) में सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान और प्रभावशाली अभिनय के लिए विशेष सम्मान से नवाजा गया।
तीन दशक के लंबे अपने शानदार करियर में अभिनेत्री ने हिंदी सिनेमा में कई यादगार किरदार निभाए हैं और अपनी दमदार अदाकारी के जरिए भारतीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाया है। ऑस्ट्रेलिया में आयोजित समारोह में सम्मान प्राप्त करते हुए अभिनेत्री ने इसे अपने लिए भावुक और खास पल बताया।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने एक छोटी लड़की के रूप में भारतीय फिल्म उद्योग में कदम रखा था, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके निभाए किरदार और फिल्में उन्हें सात समंदर पार तक ले जाएंगी।
Some moments make you stop and take a moment to truly appreciate the journey. Today is one of them.
Receiving an Honorary Doctorate from La Trobe University, after nearly three decades in cinema, is a deeply humbling honour. Every character, every story and every experience has… pic.twitter.com/Iew6JGNEF7
— Yash Raj Films (@yrf) August 14, 2026
उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों से मिले प्यार और सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि सिनेमा में सांस्कृतिक सीमाओं को पार करने की अद्भुत क्षमता है। उनके मुताबिक, दुनियाभर के लोगों का मनोरंजन करना और कहानियों के जरिए अलग-अलग संस्कृतियों को जोड़ना इस पेशे का सबसे बड़ा उपहार है।
अपने करियर में रानी मुखर्जी ने ‘ब्लैक’, ‘हम तुम’, ‘युवा’, ‘बंटी और बबली’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘हिचकी’, ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे जैसी फिल्मों में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। उनके किरदारों में भावनात्मक गहराई और मजबूत महिला पात्रों की झलक देखने को मिली है।
अभिनेत्री को मिला यह सम्मान न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की बढ़ती स्वीकार्यता को भी रेखांकित करता है।
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