विकसित भारत’ के लिए युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बना रोडमैप

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लखनऊ : युवा कार्यक्रम विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का चौथा क्षेत्रीय चिंतन शिविर आज लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)” विषय पर आयोजित देशव्यापी क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ।

सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रेरित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी युवा अधिकारियों की है।

उन्होंने कहा, “आप जमीनी स्तर पर कार्य करते हैं, इसलिए चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझते हैं, सही प्रश्न पूछते हैं और व्यावहारिक समाधान खोजते हैं। यही प्रतिबद्धता प्रत्येक प्रस्तुति में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।”

युवा अधिकारियों को रक्षा खडसे का संदेश- युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए करें प्रेरित

उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि MY Bharat, Experiential Learning Programme (ELP), Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India पर प्रस्तुतियों ने जमीनी स्तर पर उनकी प्रतिबद्धता और स्थानीय चुनौतियों की व्यावहारिक समझ को प्रदर्शित किया।

 

उन्होंने कहा, “यह केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। युवाओं को अपने करियर के निर्माण के साथ-साथ देश को आगे बढ़ाने के बारे में भी सोचना चाहिए। वे भारत का भविष्य लिखेंगे और आप सभी के पास युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने का अवसर है।”

राज्य मंत्री ने चिंतन शिविर के दौरान प्रस्तुत किए गए विचारों की सराहना करते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के समर्पण और कठिन परिश्रम को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि MY Bharat, Experiential Learning Programme (ELP), Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से नीतिगत परिणाम अधिक बेहतर होते हैं।

‘विकसित युवा से विकसित भारत’ के रोडमैप के साथ चौथे एवं अंतिम चिंतन शिविर का समापन

युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव शिव रतन ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों की MY Bharat के साथ साझेदारी में बढ़ती रुचि इस मंच के युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में उभरने का प्रमाण है।

उन्होंने अधिकारियों से राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्थानीय हितधारकों के साथ सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे विभाग की पहुँच और प्रभाव दोनों में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा, “हर राज्य की अपनी चुनौतियाँ होती हैं और प्रत्येक चुनौती के लिए राज्य-विशिष्ट समाधान आवश्यक है। हमारा ध्यान स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान विकसित करते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को सुदृढ़ करने पर होना चाहिए, साथ ही विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप भी बने रहना चाहिए।”

अधिकारियों को संबोधित करते हुए MY Bharat की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने पूरे चिंतन शिविर के दौरान अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की तथा उन्हें युवा सहभागिता के लिए नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि MY Bharat की सफलता युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के सार्थक अवसर प्रदान करने में निहित है, साथ ही विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का प्रभावी दस्तावेजीकरण एवं विस्तार सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

दूसरे दिन की शुरुआत Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India पर तकनीकी सत्रों से हुई, जिनका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देना था।

समापन दिवस का प्रमुख आकर्षण विभाग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर कार्य समूहों द्वारा तैयार विषयगत कार्ययोजनाओं और केस स्टडी का प्रस्तुतीकरण रहा।

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समूहों ने नशा मुक्त भारत, फिट इंडिया, जेंडर सेंसिटाइजेशन, युवा नेतृत्व एवं स्वयंसेवा, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम्स, सामुदायिक जनसहभागिता तथा MY Bharat एवं MY Bharat NSS के संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर अपनी अनुशंसाएँ प्रस्तुत कीं।

दो दिवसीय चिंतन शिविर का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि विभाग ने MY Bharat को युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण के एक सशक्त मंच के रूप में और अधिक मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके लिए जमीनी स्तर पर व्यापक पहुँच, संस्थागत समन्वय तथा सहयोगात्मक सुशासन को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

विचार-विमर्श में समुदाय के साथ गहन सहभागिता, व्यवहार परिवर्तन संचार, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय हितधारकों के साथ मजबूत साझेदारी, प्रौद्योगिकी आधारित कार्यक्रम क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय अधिकारियों की निरंतर क्षमता वृद्धि के महत्व को रेखांकित किया गया।

अधिकारियों ने प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के नियमित आदान-प्रदान तथा मंत्रालय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच सतत संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया।

समापन सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश को MY Bharat पंजीकरण की सर्वाधिक संख्या के आधार पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया,

जबकि दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेश को अपनी युवा जनसंख्या के अनुपात में सर्वाधिक पंजीकरण प्रतिशत प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया, जो उत्कृष्ट जमीनी स्तर की जनसहभागिता और पहुँच को दर्शाता है।

चिंतन शिविर से प्राप्त अनुशंसाएँ भविष्य में कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेंगी तथा विकसित भारत @2047 की आधारशिला के रूप में विकसित युवा के निर्माण के प्रति युवा कार्यक्रम विभाग की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेंगी।

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