लखनऊ। आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी) सेंटर एवं कॉलेज के ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज में शनिवार को सीनियर कैडर कोर्स-01 की समापन परेड का आयोजन किया गया।
परेड में 125 नॉन-कमीशंड ऑफिसर्स (एनसीओ) ने हिस्सा लिया, जिन्होंने यहां प्रशिक्षण प्राप्त किया है और भविष्य में जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स (जेसीओ) के रूप में जिम्मेदारियां संभालेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों को सैन्य नेतृत्व, अनुशासन और पेशेवर दक्षता का प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण ने उनके मनोबल, आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को और मजबूत किया है, जिससे वे आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल सर्विस के मूल्यों एवं आदर्शों के अनुरूप जूनियर नेतृत्व की भूमिकाएं निभाने के लिए तैयार हुए हैं।
समापन परेड में सैन्य अनुशासन और पारंपरिक भव्यता की झलक देखने को मिली। परेड का निरीक्षण एएमसी सेंटर एवं कॉलेज के ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज के कमांडेंट एवं चीफ इंस्ट्रक्टर मेजर जनरल अनुज चावला ने किया।
कोर्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर एमडीसी रानीखेत के हवलदार (डेंटल हाइजीनिस्ट) राम कुमार को रोलिंग ट्रॉफी और लेफ्टिनेंट जनरल पी.वी. रामचंद्रन अवॉर्ड प्रदान किया गया।
कोर्स को संबोधित करते हुए मेजर जनरल अनुज चावला ने सैनिकों के उत्कृष्ट टर्नआउट और परेड के शानदार संचालन की सराहना की।
उन्होंने कहा कि आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल सर्विस युद्ध और शांति, दोनों परिस्थितियों में सैनिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से पेशेवर दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए कोर की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
समापन परेड का साक्षी बनने के लिए प्रशिक्षु एनसीओ के परिजन भी मौजूद रहे। इसके अलावा मेडिकल ऑफिसर्स बेसिक कोर्स (एमओबीसी) और बेसिक नर्सिंग ऑफिसर्स कोर्स (बीएनओसी) के अधिकारी भी समारोह में उपस्थित रहे।
ये भी पढ़ें : 125 सैन्य चिकित्सा अधिकारियों ने पूरा किया मेडिकल ऑफिसर्स बेसिक कोर्स
ये भी पढ़ें : गोमती किनारे फिर शुरू हुआ ‘रिवर योग’, योग के साथ नदी संरक्षण का संदेश













