लखनऊ। सीएसआईआर-सीडीआरआई एलुमनाई एसोसिएशन एवं नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (एनएएसआई) लखनऊ चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में बख्शी का तालाब क्षेत्र के विजयपुर ग्राम स्थित
आंगनवाड़ी केंद्र में महिलाओं एवं किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन तथा ऑस्टियोपोरोसिस विषय पर सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता, अस्थि स्वास्थ्य तथा समय पर स्वास्थ्य परामर्श के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में डॉ. संजय बत्रा, एमेरिटस वैज्ञानिक, सीएसआईआर तथा सचिव, सीडीआरआई एलुमनाई एसोसिएशन एवं एनएएसआई लखनऊ चैप्टर, डॉ. रितु त्रिवेदी, वैज्ञानिक-जी, सीएसआईआर-सीडीआरआई एवं एनएएसआई फेलो तथा डॉ. स्तुति श्रीवास्तव ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
सीडीआरआई की पहल, ग्रामीण महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश
कार्यक्रम में विजयपुर ग्राम की करीब 50 महिलाओं एवं किशोरियों ने भाग लिया। इनमें किशोरियां, प्रजनन आयु की महिलाएं, गर्भवती एवं धात्री माताएं, रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक महिलाएं तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल थीं।
विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक संकोच, भ्रांतियां, स्वच्छता संबंधी जानकारी का अभाव, संतुलित पोषण की कमी तथा कैल्शियम एवं विटामिन-डी की अपर्याप्त उपलब्धता महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।
इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के माध्यम से वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी साझा की गई और प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
डॉ. स्तुति श्रीवास्तव ने मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित एवं स्वच्छ व्यवहार अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर महिलाओं को संकोच छोड़कर आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
डॉ. रितु त्रिवेदी ने ऑस्टियोपोरोसिस के कारणों, जोखिम कारकों, बचाव और उपचार की जानकारी देते हुए महिलाओं को कैल्शियम एवं विटामिन-डी युक्त संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए सक्रिय जीवनशैली बेहद जरूरी है।
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अपने संबोधन में डॉ. संजय बत्रा ने कहा कि महिलाएं पूरे परिवार के स्वास्थ्य और कल्याण का ध्यान रखती हैं, लेकिन अक्सर अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर देती हैं। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने स्वास्थ्य को भी समान प्राथमिकता दें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर संभावित बीमारियों का समय रहते पता लगाएं।
कार्यक्रम के दौरान मासिक धर्म से जुड़े अनेक मिथकों और भ्रांतियों का वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निराकरण किया गया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं को नियमित व्यायाम करने तथा सभी महिलाओं को प्रतिवर्ष स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक रक्त जांच कराने की सलाह दी।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने बताया कि कार्यक्रम से उन्हें मासिक धर्म स्वच्छता, संतुलित पोषण और अस्थि स्वास्थ्य के बारे में नई एवं उपयोगी जानकारी मिली। उन्होंने स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक आहार लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन एवं ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित जागरूकता पोस्टर आंगनवाड़ी केंद्र को उपलब्ध कराए गए, ताकि स्थानीय महिलाओं को निरंतर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिलती रहे। कार्यक्रम के अंत में सीडीआरआई एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से सभी प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।













