लखनऊ। नारायण सेवा संस्थान की ओर से आयोजित निःशुल्क दिव्यांग शल्य चिकित्सार्थ जांच-चयन एवं नारायण लिम्ब मेजरमेंट शिविर में 550 से अधिक दिव्यांगजनों की जांच की गई।
इनमें 301 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, 153 को कैलीपर्स उपलब्ध कराने के लिए चयनित किया गया, जबकि 40 दिव्यांगजनों का निःशुल्क शल्य चिकित्सा के लिए चयन हुआ।
नारायण सेवा संस्थान की ओर से हुआ आयोजन
गोमती नगर स्थित दयाल गेटवे होटल में रविवार को आयोजित शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष नीरज सिंह और विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे।
कार्यक्रम में एमएलसी मुकेश शर्मा, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चेरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. हर्षवर्धन अग्रवाल, सहायक आयुक्त सीएसआर आनंद कुमार पांडेय,
अराइज कंपनी के प्रबंध निदेशक अभिनन्दन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र बड़ोला, सीएमएचओ डॉ. मनोज कुमार, इनरव्हील क्लब की अध्यक्ष कविता अग्रवाल और समाजसेवी प्रतिभा श्रीवास्तव सहित सुनील कुमार सिन्हा, जुगल किशोर, बृजेश गुप्ता और अनिल श्रीवास्तव मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में नारायण सेवा संस्थान के ट्रस्टी-निदेशक देवेंद्र चोबीसा ने अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की निःशुल्क सेवा गतिविधियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिन दिव्यांगजनों के कटे अंगों का मापन किया गया है, उनके लिए करीब दो माह बाद लखनऊ में ही पुनः फिटमेंट शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में जापानी-जर्मन तकनीक से निर्मित नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिम्ब लगाए जाएंगे।
संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता या उसके सपनों की सीमा नहीं है। उचित चिकित्सा, कृत्रिम अंग और सहयोग मिलने पर दिव्यांगजन आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकते हैं। संस्थान का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी जरूरतमंद के उपचार और पुनर्वास में बाधा न बने।
मुख्य अतिथि नीरज सिंह ने कहा कि उन्हें पहले भी नारायण सेवा संस्थान के सेवा कार्यों को देखने का अवसर मिला है। दिव्यांगजनों की निःशुल्क शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किया जा रहा कार्य ईश्वर की आराधना के समान है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में मुकेश शर्मा ने कहा कि इस तरह की निःशुल्क और निःस्वार्थ सेवा को समाज के सहयोग से और व्यापक स्तर तक पहुंचाया जाना चाहिए।
शिविर प्रभारी हरिप्रसाद लड्ढा ने बताया कि अतिथियों ने संस्थान की पीएंडओ टीम से कटे अंगों के मापन की प्रक्रिया और कृत्रिम अंग तैयार करने की तकनीक की जानकारी ली। कार्यक्रम का संयोजन जितेन्द्र शर्मा ने किया।
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