हाईलाइट्स
- शाहजहांपुर में फर्जी ब्रिगेडियर बनकर घूम रहे 21 वर्षीय युवक को पकड़ा गया
- आरोपी के पास से नकली सैन्य पहचान पत्र, पिस्टलनुमा हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई
- स्टेशन मुख्यालय और पूर्व सैनिकों ने योजनाबद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की, मामला पुलिस को सौंपा गया
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में स्वयं को भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर घूम रहे एक युवक को स्टेशन मुख्यालय शाहजहांपुर और पूर्व सैनिकों की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया।
आरोपी के पास से ब्रिगेडियर का फर्जी पहचान पत्र, सैन्य सामग्री और पिस्टलनुमा हथियार बरामद किया गया है। मामले को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
स्टेशन मुख्यालय शाहजहांपुर को पिछले करीब दो माह से सूचना मिल रही थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति सेना के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में शाहजहांपुर और आसपास के क्षेत्रों में घूम रहा है।
शिकायतों के आधार पर स्टेशन मुख्यालय के एडमिनिस्ट्रेटिव कमांडेंट कर्नल जे.एस. जगलान ने स्थानीय पूर्व सैनिकों के साथ मिलकर उसकी पहचान सत्यापित करने और उसे पकड़ने की योजना बनाई।
योजना के तहत संदिग्ध व्यक्ति को स्थानीय विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। शाहिद संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने के बाद उसकी पहचान की पुष्टि की गई और उसे उसके साथियों सहित पकड़ लिया गया।
अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए युवक की पहचान 21 वर्षीय आर्यन वर्मा के रूप में हुई है। वह ब्रिगेडियर की वर्दी पहने हुए था और टाटा हैरियर वाहन से चल रहा था, जिस पर वन-स्टार प्लेट और सेना मुख्यालय का ध्वज लगा हुआ था।
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से ब्रिगेडियर का फर्जी पहचान पत्र, पिस्टलनुमा हथियार, एएमसी रेजीमेंटल केन तथा सेना से संबंधित प्रतीत होने वाली अन्य सामग्री बरामद हुई। उसके साथ मौजूद दो व्यक्ति एनएसजी कमांडो जैसी वर्दी में थे। वहीं चालक के पास भारत सरकार का पहचान पत्र भी मिला।
कार्रवाई के बाद आरोपी, उसके सहयोगियों और बरामद सामग्री को आगे की जांच के लिए थाना सदर, शाहजहांपुर के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस अब बरामद दस्तावेजों, वाहन और अन्य सामग्रियों की जांच कर रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कब से और किन उद्देश्यों से खुद को सेना का अधिकारी बताकर लोगों के बीच सक्रिय था।
स्टेशन मुख्यालय शाहजहांपुर ने कहा कि सेना की वर्दी, पहचान और प्रतीकों का दुरुपयोग गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय सेना की वर्दी राष्ट्रसेवा, अनुशासन और सम्मान का प्रतीक है तथा इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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