जेई, एईएस प्रभावित बचे गांवों में 24 घंटे काम कर जल्द से जल्द पहुंचाएं नल से जल- स्वतंत्र देव सिंह

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लखनऊ। प्रदेश के जिन जापैनीज एनसेफ्लाइटिज (JE), एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) प्रभावित गांवों में अभी तक नल से जलापूर्ति नहीं शुरू हुई है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उन बचे गांवों में 24 घंटे तीन शिफ्टों में काम कर जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे जेई, एईएस प्रभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश, काम में किसी भी तरह की लापरवाही हुई, तो दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए जलशक्ति मंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। अगर कहीं भी किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो अधिकारी तत्काल दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अधिकारी नियमित रूप से करें ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण, जलशक्ति मंत्री ने जल अर्पण कार्यक्रमों में तेजी लाने के दिए निर्देश

उन्होंने कहा कि जलापूर्ति संबंधी शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। समीक्षा बैठक में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, एमडी जल निगम ग्रामीण, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

अधिकारी नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों को करें भ्रमण, जल निगम ग्रामीण की पुरानी परियोजनाओं में देरी पर मंत्री ने जताई नाराजगी

जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान करें। सिंगल विलेज योजनाओं के सभी शेष कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

पाइपलाइन बिछाने से प्रभावित सड़कों की तत्काल प्रभाव से मरम्मत कराने के निर्देश जलशक्ति मंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी सड़क रिस्टोरेशन के कार्यों में शिकायत आती है, तो दोषियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा। जलशक्ति मंत्री ने जिले के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बोले- दो महीने के भीतर पुरानी परियोजनाओं को पूरा करें, नहीं तो कार्रवाई के लिए रहें तैयार

यह अंतिम चेतावनी है, इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी गांवों में जाकर जल जीवन मिशन के प्रभाव का आकलन करें। विशेषकर जलजनित बीमारियों में आई कमी और ग्रामीणों के जीवन में हुए सकारात्मक बदलाव की जानकारी लें। लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक करें।

जल अर्पण कार्यक्रमों में लाएं तेजी

जलशक्ति मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन की ज्यादातर परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा से पहले ही पूरी हो चुकी हैं। जिन-जिन गांवों में नल से पेयजल आपूर्ति का काम पूरा हो चुका है।

वहां जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन कराया जाए। लोगों को “जल अर्पण” कार्यक्रम के महत्व को समझते हुए अधिक से अधिक जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जलशक्ति मंत्री ने प्रत्येक जिले में नियमित रूप से जल चौपाल आयोजित करने, जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उन्हें जल जीवन मिशन की प्रगति रिपोर्ट पोर्टल एवं “जल सारथी” ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पुरानी परियोजनाओं को 2 महीने में करें पूरा

समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने जल निगम ग्रामीण की पुरानी योजनाओं में देरी पर नाराजगी जाहिर की। जलशक्ति मंत्री ने जल निगम ग्रामीण की पुरानी परियोजनाओं में देरी पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि परियोजनाओं को 2 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए।

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