लखनऊ। भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ और सहायक निदेशक, ईख विकास, पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। 21 से 25 सितंबर तक चले प्रशिक्षण कार्यक्रम में पटना, बिहार के 20 प्रगतिशील गन्ना किसानों ने हिस्सा लिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एसएन सुशील ने किसानों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल से गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के साथ भूमि की उर्वरता को भी बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने किसानों को स्वस्थ जीवन और भूमि के संरक्षण के लिए रासायनिक पदार्थों का कम से कम इस्तेमाल करने की सलाह दी।
संस्थान के प्रसार, प्रौद्योगिकी मूल्यांकन एवं नीति इकाई के प्रभारी डॉ. एलएस गंगवार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए किसानों से सीखी गई तकनीकों को आसपास के अन्य किसानों के साथ साझा करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि तकनीकों का अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचना कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ देश की प्रगति में भी योगदान देगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. कामता प्रसाद ने पांच दिनों के दौरान किसानों को दिए गए व्याख्यानों और कराए गए प्रयोगात्मक प्रशिक्षण की जानकारी दी। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी किसानों को मुख्य अतिथि ने प्रमाण पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम में पटना के ईख प्रसार पदाधिकारी मोहम्मद सुमन, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बरसाती लाल, सह-समन्वयक डॉ. राम प्रकाश साहू, राम लखन और डॉ. जेपी वर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ. अनीता सावनानी ने किया।
ये भी पढ़ें : भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान की अध्यक्षता वाली नराकास को राष्ट्रीय सम्मान













