योग – अनुशासित जीवन शैली पर लेफ्टिनेंट कर्नल जोशी ने साझा किए अनुभव

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लखनऊ : लखनऊ छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में “योगिक जीवन शैली” विषय पर एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, सैनिक एवं उनके परिवारजन सम्मिलित हुए।

व्याख्यान का संचालन लेफ्टिनेंट कर्नल नितिन जोशी द्वारा किया गया, जो एक प्रतिष्ठित शारीरिक प्रशिक्षण अधिकारी, प्रख्यात हठयोग विशेषज्ञ, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक तथा अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित व्यक्तित्व हैं।

लखनऊ छावनी में “योगिक जीवन शैली” पर प्रेरणादायी व्याख्यान आयोजित 

उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों, उपलब्धियों एवं संघर्षों को साझा करते हुए योग, अनुशासित जीवन शैली और मानसिक दृढ़ता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि स्वस्थ एवं सफल जीवन का आधार आहार, व्यवहार और विचार में संतुलन है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षण और शरीर के प्रत्येक कण पर निरंतर कार्य करना आवश्यक है तथा व्यक्ति के आहार, व्यवहार और विचार तीनों योगमय होने चाहिए।

उन्होंने सरल एवं व्यवहारिक उपायों के माध्यम से यह समझाया कि किस प्रकार योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त की जा सकती है। व्याख्यान के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल जोशी ने सैनिक जीवन में मानसिक दृढ़ता, आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं शारीरिक क्षमता के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि एक सशक्त सैनिक केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी सुदृढ़ होना चाहिए। उनके प्रेरक विचारों ने उपस्थित श्रोताओं को आत्ममंथन एवं आत्मविकास के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने अपने सारगर्भित संदेश में कहा कि “जतन नहीं करोगे तो पतन हो जाएगा, चाहे वह तन का हो, धन का हो, मन का हो या वतन का हो।” यह संदेश उपस्थित सभी सैनिकों एवं परिवारजनों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा और उन्होंने इसे जीवन एवं सैनिक धर्म दोनों के लिए समान रूप से प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम को उपस्थित अधिकारियों, सैनिकों एवं परिवारजनों द्वारा अत्यंत सराहा गया। प्रतिभागियों ने इसे न केवल स्वास्थ्य एवं योग के विषय में उपयोगी बताया, बल्कि जीवन प्रबंधन, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि का प्रभावी मार्गदर्शन भी माना।

यह आयोजन भारतीय सेना की अपने सैनिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास, मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक सुदृढ़ता एवं संतुलित जीवन शैली के प्रति प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा।

व्याख्यान के उपरांत आयोजित संवाद सत्र में लेफ्टिनेंट कर्नल जोशी ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए योग एवं स्वस्थ जीवन शैली को दैनिक दिनचर्या में अपनाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।

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