लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं।
इस दौरान बिजली, पेयजल, सीवर, सफाई, अतिक्रमण और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें विद्युत बिल संशोधन, नए बिजली कनेक्शन, ट्रांसफॉर्मर स्थापना और विद्युत आपूर्ति से संबंधित रहीं। इसके अलावा पेयजल, सीवर, सफाई एवं अतिक्रमण जैसे मामलों में भी लोगों ने अपनी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंत्री ए.के. शर्मा ने ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के निदेशक (वाणिज्य) ध्यान मथाई तथा निदेशक (तकनीकी) जी.डी. द्विवेदी जनसुनवाई में मौजूद रहे।
मंत्री ने दोनों अधिकारियों को विद्युत संबंधी शिकायतों का तत्काल परीक्षण कर उनका गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री शर्मा ने स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। जनसुनवाई सरकार और जनता के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है और प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनसुनवाई के दौरान मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए और जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।











