लखनऊ। क्रिकेट देखने के लिए किसी को बड़ी गाड़ी की जरूरत नहीं होती, बस दिल में खेल के लिए जुनून होना चाहिए। लखनऊ के रत्नेश कुमार इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। शारीरिक चुनौतियां उनकी रफ्तार को जरूर धीमा कर सकती हैं, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून नहीं।
अब यूपी टी20 के रोमांच को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया तक पहुंचा रहे क्रिकेट के जुनूनी फैन
ट्राइसाइकिल पर बैठकर इकाना की ओर बढ़ते रत्नेश की तस्वीर शायद क्रिकेट के किसी स्कोरकार्ड में दर्ज न हो, लेकिन उनकी कहानी इस लीग की एक अलग तस्वीर जरूर सामने रखती है। हालांकि जब वह स्टैंड्स में बैठकर यूपी टी20 लीग के मुकाबलों का रोमांच महसूस करते हैं और फिर उसी रोमांच को अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया तक पहुंचाते हैं।
2023 में रोहित शर्मा से हुई पहली मुलाकात बनी थी यादगार
एल्युमिनियम-ग्लास के पारिवारिक कारोबार के साथ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन को संभाल रहे 10वीं पास रत्नेश आज सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि यूपी टी20 लीग के उन खास क्रिकेट प्रशंसकों में शामिल हैं, जिनकी मौजूदगी मैदान के बाहर भी लीग की कहानी कहती है।
मुकाबलों में नियमित मौजूदगी
इकाना स्टेडियम में जारी यूपी टी20 लीग के दौरान रत्नेश अपनी ट्राइसाइकिल से पहुंचकर मुकाबलों का आनंद लेने के साथ-साथ काशी रुद्रास के लगभग सभी मैचों को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं। क्रिकेट उनके लिए सिर्फ मैदान पर होने वाला खेल नहीं, बल्कि जिंदगी का एक अहम हिस्सा है।

अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का जिक्र आया तो रत्नेश ने भारतीय क्रिकेट स्टार रोहित शर्मा और यूपीटी20 लीग में में खेल रहे अनुभवी क्रिकेटर कर्ण शर्मा का नाम लिया।
रोहित शर्मा से पहली मुलाकात को याद करते हुए रत्नेश बताते हैं कि वर्ष 2023 में उन्हें पहली बार भारतीय स्टार क्रिकेटर से मिलने का मौका मिला था। वह इतने नर्वस थे कि उनके मुंह से शब्द तक नहीं निकल रहे थे। रोहित शर्मा ने मुस्कुराकर उनसे पूछा, “आप कैसे हैं?” रत्नेश के लिए बातचीत के वे चंद सेकंड आज भी यादगार हैं।
कारोबार के साथ कंटेंट क्रिएशन का जुनून
रत्नेश के लिए क्रिकेट का यह जुनून उनके रोजमर्रा के काम से अलग नहीं है। वह एल्युमिनियम-ग्लास के पारिवारिक कारोबार में भी हाथ बंटाते हैं और समय निकालकर सोशल मीडिया के लिए क्रिकेट से जुड़े वीडियो बनाते हैं।
स्टेडियम में कंटेंट तैयार करने के दौरान उनके छोटे भाई और दोस्त उनका साथ देते हैं। दोनों बारी-बारी से उनकी मदद करते हैं, जिससे कारोबार और कंटेंट क्रिएशन दोनों का सिलसिला चलता रहे। खास बात यह है कि रत्नेश केवल कैमरे के सामने आकर वीडियो नहीं बनाते, बल्कि शूटिंग के बाद उसकी एडिटिंग भी खुद करते हैं। एंकरिंग से लेकर वीडियो एडिटिंग तक वह कंटेंट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय रहते हैं।
परिवार बना सबसे मजबूत सहारा
इस सफर में रत्नेश के परिवार की भूमिका भी बेहद अहम है। उनके माता-पिता और दो छोटे भाई उनके जुनून को पूरा समर्थन देते हैं। स्टेडियम पहुंचने, शूटिंग करने और सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने में परिवार लगातार उनका साथ देता है।
रत्नेश मानते हैं कि परिवार का यह सहयोग उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता है। उनके लिए ट्राइसाइकिल सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि अपने सपनों तक पहुंचने का माध्यम बन चुकी है।
सोशल मीडिया से मिली नई पहचान
कंटेंट क्रिएटर बनने की कहानी भी रत्नेश के लिए काफी दिलचस्प है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों को अपनी मेहनत के दम पर पहचान बनाते देखा तो उन्हें भी लगा कि वह ऐसा कर सकते हैं।
शुरुआत में उन्होंने कुछ वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और धीरे-धीरे कंटेंट क्रिएशन उनके जीवन का हिस्सा बन गया। अब यूपीटी20 लीग उनके लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है, जहां वह मैचों का रोमांच कैमरे में कैद कर अपने फॉलोअर्स तक पहुंचा रहे हैं।
यूपीटी20 लीग और यूपीसीए की पहल को सराहा
रत्नेश ने यूपीटी20 लीग की भी सराहना की। उनका कहना है कि यूपीसीए, राजीव शुक्ला और डॉ. संजय कपूर के प्रयास से उत्तर प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिल रहा है। उनके मुताबिक प्रशांत वीर और अभिनंदन सिंह जैसे खिलाड़ियों का आगे बढ़ना इस बात का उदाहरण है कि ऐसी लीग प्रदेश की प्रतिभाओं को नई पहचान दिला सकती है।
रत्नेश के लिए यूपीटी20 लीग सिर्फ क्रिकेट के मैदान पर होने वाली प्रतियोगिता नहीं है। यह उनके जैसे प्रशंसकों को भी खेल से जुड़ने, अपनी कहानी कहने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दे रही है।













