लखनऊ : बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का मंच देने के उद्देश्य से विदिशा ट्रस्ट ने अपनी वार्षिक बाल चित्रकला प्रतियोगिता ‘वाइब्रेंट विदिशा-2026’ का 15वां लगातार संस्करण आयोजित किया।
इस अवसर पर करीब एक हजार बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रंगों के जरिए अपने सपनों और भविष्य की कल्पनाओं को कैनवास पर उकेरा। अशोक भार्गव और वंदना भार्गव द्वारा अपनी पुत्री स्वर्गीय विदिशा भार्गव की स्मृति में स्थापित यह आयोजन वर्षों से बच्चों की रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने का माध्यम बना हुआ है।
इस बार भी विदिशा पार्क रंग-बिरंगी कल्पनाओं, उत्साह और पारिवारिक माहौल से सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में अभिभावक भी बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए मौजूद रहे।
इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम ‘भविष्य के रंग’ रखी गई थी। इसके तहत बच्चों ने अपने सपनों के भविष्य, पसंदीदा पेशों और बेहतर समाज की कल्पना को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
किसी ने खुद को डॉक्टर, वैज्ञानिक, शिक्षक, सैनिक और पुलिस अधिकारी के रूप में चित्रित किया तो किसी ने किसान, कलाकार, अंतरिक्ष यात्री और उद्यमी बनने के अपने सपनों को रंगों में ढाला।
कई बच्चों की चित्रकृतियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ और हरित धरती, आधुनिक तकनीक तथा मानवता के संतुलित विकास की झलक भी दिखाई दी। हर चित्र में भविष्य को लेकर बच्चों की सकारात्मक सोच, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता साफ नजर आई।
आयोजकों ने बताया कि वाइब्रेंट विदिशा केवल चित्रकला प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक रचनात्मक उत्सव है। इसी उद्देश्य से प्रतियोगिता के साथ मनोरंजन और सहभागिता पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध जादूगर विशाल का मैजिक शो रहा, जिसने अपनी प्रस्तुतियों से बच्चों और अभिभावकों का भरपूर मनोरंजन किया।
पूरे आयोजन स्थल पर हंसी, तालियों और उत्साह का माहौल बना रहा। इसके अलावा सभी प्रतिभागी बच्चों को निःशुल्क आइसक्रीम भी वितरित की गई, जिससे आयोजन की खुशियों में और मिठास घुल गई।
आयोजकों ने कहा कि विदिशा ट्रस्ट का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना, उन्हें अभिव्यक्ति का मंच देना और उनके भीतर सकारात्मक सोच का विकास करना है। यही उद्देश्य पिछले 15 वर्षों से इस आयोजन को लगातार आगे बढ़ा रहा है।
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