शिया महाविद्यालय में हुआ बी0ए0 प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम

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लखनऊ। शिया कॉलेज में आज शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बी0ए0 प्रथम सेमेस्टर के नव-प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण, सुविधाओं और मानविकी के विषयों का अध्ययन करने के बाद मिलने वाले अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. सीमा राना द्वारा किया गया।

मानविकी विषय का अध्ययन दिला सकता है प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता – प्रो0 सै0 शबीहे रज़ा बाकरी, प्राचार्य

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इंजार्ज बी0ए0 गर्ल्स सेक्शन प्रो0 जर्रीन जेहरा रिज़वी ने कहा कि काॅलेज में बालिकाओं के लिये पठन-पाठन का अच्छा वातावरण है और महाविद्यालय गुरू-षिष्य परम्परा को जीवंत रखे हुये हुये।

उन्होंने नव-प्रवेशित विद्यार्थियों से ज्ञान अर्जित करने हेतु कठिन परिश्रम करने की सलाह देते हुये कहा कि आज के समय में जो पीछे छूट गया वह बहुत पीछे रह जायेगा, इसलिये हमें हर तरीके से ज्ञान अर्जित करने हेतु तैयार रहना होगा, तभी हम अपना और समाज का विकास कर सकेंगे।

जब एक बालिका विद्या प्राप्त करती है, तो पूरा समाज शिक्षित होता है – डाॅ0 एम0एम0 एजाज़ अब्बास, वित्त अधिकारी

वित्त अधिकारी डाॅ0 एम.एम. एजाज अब्बास ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि महाविद्यालय में स्थित खतीब-ए-अकबर पुस्तकालय में 1 लाख् से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जहां विद्यार्थी वातानुकूलित कक्ष में बैठकर अध्ययन कर सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आपका यह पहला वर्ष केवल अंक हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि अपनी प्रतिभा और स्किल को निखारने के लिए है, इसके लिए महाविद्यालय में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना होगा।

आपने मानविकी को केवल एक डिग्री लेने के लिए नहीं चुना है बल्कि आपने समाज, इंसान और दुनिया को समझने का एक रास्ता चुना है। – डाॅ0 प्रदीप शर्मा

उन्होंने आगे कहा कि आप बी0ए0 करना आपके जीवन के तीन महत्वपूर्ण वर्षों की शुरुआत है। इन तीन वर्षों में केवल अच्छे अंक लाने का लक्ष्य मत रखिए। पढ़िए, सवाल पूछिए, अपनी बात रखिए, प्रजेन्टेषन दीजिए, प्रतियोगिताओं में हिस्सा लीजिए और अपनी कम्यूनिकेषन स्किल को बेहतर बनाइए।

याद रखिए आपकी डिग्री आपके करियर का एक हिस्सा है, लेकिन आपकी स्किल, आपकी सोच और आपका आत्मविष्वास आपको दूसरों से अलग बनाएगा। इसलिए कालेज के हर अवसर का लाभ उठाइए और यकीन मानिए आप इन तीन वर्षों के अंत में स्वयं को आज से बेहतर बनाकर निकलेंगे।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो0 सै0 शबीहे रज़ा बाकरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दौर इक्कीसवीं सदी का है, इस दौर में हर क्षेत्र में नये-नये अवसर उपलब्ध हैं, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी रूचि के अनुरूप कैरियर चुनना चाहिए।

मानविकी एक ऐसा विषयों का समूह है जिसके अध्ययन से हमारे अन्दर समाज को समझने की समझ आती है। मानविकी के विषय प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे ज्यादा चुने जाने वाले विषय हैं और विद्यार्थी इन विषयों का अध्ययन कर प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर सकते हैं।

एस.सी.डी.आर.सी. के निदेशक डाॅ0 प्रदीप शर्मा ने कहा कि ‘‘आपने केवल एक डिग्री लेने के लिए मानविकी को नहीं चुना है बल्कि आपने समाज, इंसान और दुनिया को समझने का एक रास्ता चुना है।’’

अगले तीन वर्षों में हम चाहते हैं कि आप अच्छे विद्यार्थी के साथ-साथ अच्छे विचारक, अच्छे वक्ता और जिम्मेदार नागरिक बनकर महाविद्यालय से निकलें और देश-दुनिया में महाविद्यालय का नाम रोशन करें। मानविकी के विषयों के अन्तर्गत समाज, इतिहास, राजनीति, भाषा, संस्कृति, साहित्य और मानव व्यवहार का अध्ययन किया जाता है।

आपका उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं होना चाहिए बल्कि सोचने, समझने, तर्क करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित करना होना चाहिए।

आपको एक अच्छा विद्यार्थी बनने के लिए नियमित रूप से कक्षाओं में आना होगा, नोट्स बनाने के बजाय विषय को समझना होगा, ज्यादा से ज्यादा किताबों को पढ़ने की आदत विकसित करना होगा, और सबसे बड़ी बात प्रष्न पूछने में संकोच न करें, असाइनमेंट और प्रजेन्टेषन को गम्भीरता के साथ लेना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि बी0ए0 मानविकी में डिग्री करने के बाद आप विधि, पत्रकारिता, षिक्षण, समाजकार्य, कंटेन्ट राइटर, सिविल सर्विसेज, सामाजिक शोध, प्रबन्धन जैसे तमाम क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से डाॅ0 नगीना बानो, डाॅ0 कनीज मेंहदी जैदी, डाॅ0 मधुलिका चैधरी, डाॅ0 सायमा मेंहदी, डाॅ0 नफीस हासिम रिज़वी सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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