लखनऊ। शिया पीजी कॉलेज में सोमवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के यूजी प्रथम सेमेस्टर बीकॉम के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, उपलब्ध सुविधाओं, अवसरों और कॉलेज जीवन से जुड़ी जिम्मेदारियों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सै. शबीहे रजा बाकरी ने कहा कि स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद विद्यार्थी अब अपने जीवन के नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। कॉलेज जीवन उन्हें अधिक स्वतंत्रता के साथ अधिक जिम्मेदारी भी प्रदान करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं को पहचानने और अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “अपनी क्षमता को पहचानिए और आगे बढ़िए। आपको अपनी भूमिका को समझना होगा और उसी के अनुरूप अपने करियर में आगे बढ़ना होगा।”
उन्होंने कहा कि भारत में जेन-जी की भूमिका तेजी से बढ़ रही है और युवा आज समाज एवं व्यवस्था में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आने वाले समय में यही युवा देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण संचालक बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को शैक्षणिक, सांस्कृतिक और पाठ्येतर गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया।
वाणिज्य संकाय की प्रभारी प्रो. अंजुम अबरार ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय में अध्ययन और अकादमिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से कठिन परिश्रम और पढ़ाई के प्रति एकाग्रता बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के कई शिक्षक महत्वपूर्ण पुस्तकों के लेखक हैं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित रूप से विभिन्न सह-पाठ्यक्रम एवं पाठ्येतर गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
महाविद्यालय के वित्त अधिकारी डॉ. एमएम एजाज अब्बास ने विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कॉलेज में स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय सहित अनेक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों में स्वर्ण पदक हासिल करने की गौरवशाली परंपरा रही है। इस वर्ष भी कॉलेज के विद्यार्थियों ने 18 स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कड़ी मेहनत कर भविष्य में स्वयं भी स्वर्ण पदक हासिल करने और महाविद्यालय का गौरव बढ़ाने का आह्वान किया।
एससीडीआरसी के निदेशक डॉ. प्रदीप शर्मा ने विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि स्कूल से कॉलेज में प्रवेश के साथ विद्यार्थियों के जीवन का नया चरण शुरू होता है और इस दौरान उन्हें कई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। आत्मविश्वास के साथ इन चुनौतियों का सामना करते हुए लगातार सीखते रहना जरूरी है।
थॉमस एडिसन का उदाहरण देते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि बल्ब के आविष्कार के दौरान उन्हें कई असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखे और अंततः सफलता हासिल की।
उन्होंने विद्यार्थियों से असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेने और कमियों को दूर करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “असफलता से हमें डरना या परेशान नहीं होना चाहिए। इसके बजाय हमें उससे सीख लेकर उसे दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए।”
डॉ. शर्मा ने शिया पीजी कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि महाविद्यालय नैक से ‘ए’ ग्रेड प्राप्त करने वाले चुनिंदा संस्थानों में शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रमाण पोर्टल पर भी शिया पीजी कॉलेज ने उत्तर प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
उन्होंने विद्यार्थियों से किताबों तक सीमित न रहने और सामाजिक एवं तकनीकी बदलावों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता विद्यार्थियों को नए अवसर पहचानने और आगे बढ़ने में मदद करेगी।
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कार्यक्रम में प्रो. नूरुल हसन, डॉ. कीर्ति प्रकाश तिवारी, डॉ. रजा शब्बीर, डॉ. अंकुर सिंह, डॉ. मसूद अब्दुल्लाह, प्रो. सै. शुजात हुसैन, डॉ. मीसम मुबारक और डॉ. अम्बरीष सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
समापन पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों से कॉलेज जीवन का अधिकतम लाभ उठाने, शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने और पाठ्येतर गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अपनी क्षमताओं को विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही उन्हें समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा दी।












