भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान की अध्यक्षता वाली नराकास को राष्ट्रीय सम्मान

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भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ ने राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। मुंबई के सिडको प्रदर्शनी केंद्र में  आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में संस्थान की अध्यक्षता वाली नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), कार्यालय-3, लखनऊ को सर्वश्रेष्ठ नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया।

गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में प्राप्त यह सम्मान भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान एवं नराकास कार्यालय-3, लखनऊ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

निदेशक डॉ. एस. एन. सुशील ने नराकास अध्यक्ष के रूप में ग्रहण किया सम्मान

प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एवं भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एस. एन. सुशील ने बतौर नराकास अध्यक्ष तथा श्री अभिषेक प्रकाश, सहायक निदेशक (राजभाषा) ने बतौर सदस्य सचिव यह सम्मान ग्रहण किया। इस अवसर पर संस्थान के सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे।

राजभाषा कार्यान्वयन में संस्थान की सक्रिय एवं नेतृत्वकारी भूमिका

यह सम्मान राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन, कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रयोग तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए नराकास कार्यालय-3, लखनऊ एवं इसके सदस्य कार्यालयों द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ बतौर नराकास अध्यक्ष कार्यालय इस दिशा में सक्रिय एवं समन्वयकारी भूमिका निभा रहा है। संस्थान के नेतृत्व में सदस्य कार्यालयों के बीच राजभाषा संबंधी गतिविधियों के बेहतर समन्वय तथा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्र में हिंदी के प्रयोग पर विशेष जोर

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान की अध्यक्षता में नराकास के सदस्य कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

वैज्ञानिक, तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के साथ हिंदी कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाता है।

कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं तकनीकी विषयों को हिंदी में उपलब्ध कराने तथा आधुनिक ई-टूल्स के माध्यम से हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।

इन प्रयासों का उद्देश्य हिंदी को केवल कार्यालयी कार्यों की भाषा तक सीमित न रखते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी संप्रेषण और ज्ञान-विनिमय की प्रभावी भाषा के रूप में विकसित करना है।

कृषि एवं गन्ना अनुसंधान जैसे वैज्ञानिक क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देकर अनुसंधान एवं तकनीकी ज्ञान को व्यापक समाज तक पहुँचाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

सामूहिक प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान

यह राष्ट्रीय सम्मान भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ तथा नराकास कार्यालय-3, लखनऊ के सभी सदस्य कार्यालयों की सामूहिक उपलब्धि है।

यह सम्मान राजभाषा हिंदी के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ सदस्य कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए नई प्रेरणा प्रदान करेगा।

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