एक अवॉर्ड नाइट में दिनेश विजन ने अपना बड़ा और महत्वाकांक्षी प्लान सबके सामने रखा—मैडॉक के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स को नए स्तर पर ले जाना।
उन्होंने बताया कि आने वाले पांच सालों में मैडॉक सात नई हॉरर-कॉमेडी फिल्में लेकर आएगा, ताकि ऐसा मजबूत फ्रैंचाइज़ी तैयार किया जा सके जिसे लोग सालों तक याद रखें। इवेंट में उन्होंने समझाया कि ऑडियंस-फ्रेंडली यूनिवर्स तभी चलता हैं जब उन्हें फालतू खींचा न जाए।
उनका बोलना था, “तीन-चार फिल्मों का गैप ही सही मीठा संतुलन है।” यानी मैडॉक जल्दबाज़ी में नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाले यूनिवर्स को धीरे-धीरे मजबूत करने में विश्वास रखता है।

इन दिनों कई बड़ी फिल्में उम्मीद के अनुसार कमाल करने में विफल रही, लेकिन मैडॉक की जड़ वाली कहानियाँ—कॉमेडी से लेकर लोककथाओं से प्रेरित फैंटेसी तक—अब भी दर्शकों के दिल में जगह बना रही हैं।
विजन का मानना है कि यह स्थिरता इसलिए है क्योंकि वे “निडर, अलग और सांस्कृतिक कहानियाँ” चुनते हैं, न कि पुराने और गिसी-पिटी फ़ॉर्मूलों के पीछे भागते हैं।
विजन ने यह भी बताया कि आज फिल्म का असली मुकाबला किसी दूसरी फिल्म से नहीं, बल्कि स्मार्टफोन से है, जिसने लोगों का ध्यान छोटे-छोटे वीडियो की ओर मोड़ दिया है। इसलिए मैडॉक ने प्लेटफॉर्म-न्यूट्रल रणनीति अपनाई है, जिसमें कोई भी कहानी थिएटर, ओटीटी या मोबाइल—कहीं भी आसानी से फिट हो सके।
AI को विजन ने सबसे बड़ा गेम-चेंजर बताया। उनके अनुसार, अगले 18 से 24 महीनों में फोटो-रियल इमेजिंग और किफायती VFX फिल्ममेकिंग की पूरी इकॉनॉमिक्स बदल देंगे। प्रोडक्शन क्वालिटी बढ़ेगी और कहानियों की पहुँच और बड़ी होगी, लेकिन हर क्रिएटर के पास फिल्म बनाने की ताकत होने से दर्शकों का ध्यान खींचना चुनौतीपूर्ण भी होगा।
मैडॉक की आने वाली प्रमुख फिल्मों में से एक है इक्कीस—एक इमोशनल वॉर ड्रामा, जिसे श्रीराम राघवन डायरेक्ट कर रहे हैं। यह फिल्म दूसरे लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल की बहादुर जिंदगी से प्रेरित है।
फिल्म में लीड रोल अगस्त्य नंदा निभा रहे हैं और धर्मेंद्र भी एक अहम किरदार में होंगे। विजन के मुताबिक, इक्कीस मैडॉक की सबसे असरदार फिल्मों में से एक होगी—एक ऐसी कहानी जो बड़े फ्रैंचाइज़ी के साथ-साथ प्रेस्टिज सिनेमा की पहचान को भी मजबूत करेगी।
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