रांची : 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप का ट्रॉफी टूर शनिवार को रांची पहुंचा, जिसके साथ ही रांची ने पहली बार डूरंड कप के मेज़बान शहर के रूप में अपनी ऐतिहासिक शुरुआत की।
गुवाहाटी के सफल दौरे के बाद टूर्नामेंट की तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियों का भारतीय सेना की पूर्वी कमान द्वारा दी पाटोली मिलिट्री स्टेशन स्थित केरकेट्टा ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में स्वागत किया गया।
इस समारोह में झारखंड सरकार के पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि तथा मेजर जनरल सज्जन सिंह मान, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, कॉम्बैट आईबीजी-23, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के खेल विभाग के निदेशक छविरंजन, आईएएस; ब्रिगेडियर के. आनंद, चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर, कॉम्बैट आईबीजी-23; ब्रिगेडियर मनोज कुमार झा, कमांडर, 61 इन्फैंट्री ब्रिगेड;
कर्नल अमित कुमार यादव, नोडल अधिकारी, डूरंड कप आयोजन समिति; कर्नल हेमचंद्र, नोडल अधिकारी (रांची), वरिष्ठ नागरिक एवं सैन्य अधिकारी, भाग लेने वाले क्लबों के प्रतिनिधि, प्रायोजक, साझेदार और फुटबॉल जगत के अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
झारखंड सरकार के पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्यमंत्री सुदिव्य कुमार ने रांची में 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप ट्रॉफी टूर का स्वागत करते हुए ऐतिहासिक मेज़बानी को लेकर उत्साह व्यक्त किया।
उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप का रांची में स्वागत करना हमारे लिए अत्यंतगर्व और खुशी का विषय है। हम 26 जुलाई को होने वाले उद्घाटन मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसमें झारखंड के मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
रांची को भारत के प्रमुख फुटबॉल क्लबों के साथ-साथ एक अंतरराष्ट्रीय टीम की मेज़बानी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और मुझे विश्वास है कि फुटबॉल प्रेमियों को बेहद रोमांचक टूर्नामेंट देखने को मिलेगा।
मैं इस आयोजन को संभव बनाने के लिए मुख्यमंत्री और भारतीय सेना का आभार व्यक्त करता हूं। मैं सभी खेल प्रेमियों से इस भव्य खेल महोत्सव का हिस्सा बनने का आग्रह करता हूं तथा सभी आने वाली टीमों और अतिथियों का झारखंड की पारंपरिक मेहमान नवाज़ी के साथ स्वागत करता हूं।”
केरकेट्टा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में डूरंड कप की गौरवशाली विरासत तथा इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति भवन में आयोजित तीनों ट्रॉफियों के औपचारिक अनावरण पर आधारित एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई। इसके बाद भांगड़ा, संथाली और छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।
कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों का सम्मान किया गया और डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप तथा शिमला ट्रॉफी का औपचारिक प्रदर्शन किया गया। समारोह का समापन ट्रॉफी रोड शो को हरी झंडी दिखाकर किया गया।
इस अवसर पर मेजर जनरल सज्जन सिंह मान, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, कॉम्बैट आईबीजी-23 ने कहा, “पिछले वर्ष जमशेदपुर में डूरंड कप के सफल आयोजन के बाद अब पहली बार टूर्नामेंट का विस्तार रांची तक हुआ है।
यह नए क्षेत्रों तक उच्चस्तरीय फुटबॉल पहुंचाने और झारखंड की समृद्ध फुटबॉल परंपरा को और सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हमें प्रसन्नता है कि बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम अब डूरंड कप की गौरवशाली विरासत का हिस्सा बन गया है, जिससे पूरे राज्य के फुटबॉल प्रेमियों को भारत की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।”
औपचारिक शुभारंभ के बाद ट्रॉफी रोड शो डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी को लेकर कोकर, लालपुरचौक, करमटोली रोड, कचहरी रोड और सुजाता चौक होते हुए दीपा टोली मिलिट्री स्टेशन लौटा।
इस दौरान काफिला न्यूक्लियस मॉल, मोराबादी मैदान और फिरायालाल चौक पररुका, जहां झारखंड सरकार के कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सेना के बैंड के प्रदर्शन ने ट्रॉफी टूर को जनोत्सव का रूप दे दिया।
प्रत्येक पड़ाव पर बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रेमी ऐतिहासिक ट्रॉफियों की एक झलक पाने के लिए उमड़े, जिससे डूरंड कप के मेज़बान शहर के रूप में रांची की पहली मेज़बानी को लेकर उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया।
रांची के नोडल अधिकारी कर्नल हेमचंद्र ने डूरंड कप के मेज़बान शहरों की सूची में रांची के शामिल होने पर प्रकाश डालते हुए कहा, “डूरंड कप की पहली मेज़बानी के लिए रांची पूरी तरह तैयार है और यह हमारे लिए गर्व का क्षण है।
देश के शीर्ष क्लबों, सर्विसेज़ टीमों और अंतरराष्ट्रीय टीमों के शहर में आने से हमें झारखंड के फुटबॉल प्रेम को प्रदर्शित करने तथा रांची की पहली मेज़बानी को यादगार बनाने का अवसर मिलेगा।”
ट्रॉफी टूर सोमवार, 20 जुलाई को गुमला में विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ेगा। यहां जिला प्रशासन तीनों प्रतिष्ठित ट्रॉफियों का स्वागत करेगा, जिसके बाद नगर में रोड शो आयोजित होगा। काफिला टावर चौक और पटेल चौक पर रुकेगा तथा परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेगा।
कार्यक्रम का समापन अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में होगा, जहां झारखंड सरकार के पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार और मेजर जनरल सज्जन सिंह मान सभा को संबोधित करेंगे।
इसके बाद बालक वर्ग की प्रदर्शनी फुटबॉल प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके साथ ट्रॉफी टूर का झारखंड चरण संपन्न होगा।
डूरंड कप के सबसे नए मेज़बान शहर के रूप में रांची टूर्नामेंट के निरंतर विस्तार में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। झारखंड की राजधानी को मेज़बान बनाए जाने से डूरंड कप आयोजन समिति की यह प्रतिबद्धता और मजबूत होती है कि देश के उभरते खेल केंद्रों तक शीर्ष स्तर का फुटबॉल पहुंचाया जाए तथा पूर्वी भारत में टूर्नामेंट की पहुंच का विस्तार किया जाए।
अब ध्यान मैदान पर होने वाले मुकाबलों की ओर केंद्रित होगा, जहां रांची के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में ग्रुप-सी के सभी मैच खेले जाएंगे। इस ग्रुप में इंडियन सुपर लीग की टीमें जमशेदपुर एफसी और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली, भारतीय वायु सेना फुटबॉल टीम तथा श्रीलंकाई सशस्त्र बलों की डूरंड कप में पदार्पण कर रही टीम डिफेंडर्स एफसी शामिल हैं।
रांची में डूरंड कप अभियान की शुरुआत 26 जुलाई को जमशेदपुर एफसी और डिफेंडर्स एफसी के मुकाबले से होगी, जबकि ग्रुप चरण का अंतिम मैच 13 अगस्त को जमशेदपुर एफसी और भारतीय वायुसेना फुटबॉल टीम के बीच खेला जाएगा। रांची 16 अगस्त को एक क्वार्टर फाइनल मुकाबले की भी मेज़बानी करेगा।
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भारतीय सेना की पूर्वी कमान द्वारा तीनों सेनाओं की ओर से तथा संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से आयोजित डूरंड कप विश्व की तीसरी सबसे पुरानी जीवित फुटबॉल प्रतियोगिता है।
वर्ष 1888 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता आज भी भारतीय फुटबॉल में विशेष स्थान रखती है और देश के शीर्ष क्लबों, सर्विसेज़ टीमों तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को एक ही मंच पर लेकर आती है।
ट्रॉफी टूर का अगला पड़ाव 22 जुलाई को कोलकाता होगा, जहां 25 जुलाई से शुरू होने वाले 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। 135वां इंडियन ऑयल डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2026 तक कोलकाता, रांची, गुवाहाटी, शिलांग और इम्फाल—इन पांच मेज़बान शहरों में आयोजित किया जाएगा।
इस संस्करण में श्रीलंकाई सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक विदेशी टीम सहित कुल 24 टीमें छह मैदानों पर 43 मुकाबले खेलेंगी।
टूर्नामेंट का उद्घाटन 25 जुलाई को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में मोहुन बागान सुपर जायंट और ईस्ट बंगाल एफसी के बीच ऐतिहासिक कोलकाता डर्बी से होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 23 अगस्त, 2026 को इसी मैदान पर खेला जाएगा।












