लखनऊ। प्रदेश सरकार ने राजधानी की खेल अवस्थापनाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केडी सिंह बाबू स्टेडियम और चौक स्टेडियम के निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
खेल विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक कर कार्यदायी संस्था को सभी कार्य आगामी तीन माह के भीतर गुणवत्ता के साथ हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
लखनऊ स्थित केडी सिंह बाबू स्टेडियम में बैडमिंटन हॉल के नवीनीकरण के लिए शासन की ओर से पहले ही 1.85 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इस परियोजना के तहत बैडमिंटन हॉल का नवीनीकरण, विद्युत व्यवस्था, प्लंबिंग तथा अन्य आवश्यक निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
इसी प्रकार चौक स्टेडियम में बैडमिंटन हॉल एवं बास्केटबॉल कोर्ट के नवीनीकरण के साथ नए जिम हॉल और बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण के लिए 6.17 करोड़ रुपये (617.13 लाख रुपये) की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसके सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 3.08 करोड़ रुपये (308.56 लाख रुपये) की वित्तीय स्वीकृति भी जारी की जा रही है। इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए सचिव, खेल विभाग सुहास एल.वाई. ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम में उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप तीन माह के भीतर पूर्ण किए जाएं।
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बैठक में चौक स्टेडियम के खेल ढांचे को आधुनिक बनाने की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कार्यदायी संस्था को बैडमिंटन हॉल और बास्केटबॉल कोर्ट के नवीनीकरण के साथ नए जिम और बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण का कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए।
सचिव, खेल विभाग ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
खेल अवस्थापनाओं का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण वातावरण मिल सके और प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर प्राप्त हो।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गुणवत्ता में कमी या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करना संबंधित कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी होगी।











