लखनऊ। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लकड़ी के बिखरने की आवाज ने मुकाबले में रोमांच भर दिया। नोएडा किंग्स के खिलाफ पारी के दूसरे ओवर में कार्तिक त्यागी ने 149 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ऐसी सटीक यॉर्कर डाली कि शौर्य सिंह का मिडिल स्टंप उखड़कर जमीन पर जा गिरा। अगली ही गेंद पर उन्होंने आदित्य शर्मा को पगबाधा आउट कर दिया।
यह त्यागी की धारदार गेंदबाजी का निर्णायक पल था। 116 रन के मामूली स्कोर का बचाव करते हुए उन्होंने अपनी तेज और आक्रामक गेंदबाजी से नोएडा किंग्स के शीर्ष क्रम को तहस-नहस कर दिया। त्यागी ने 3 विकेट पर 12 रन की शानदार गेंदबाजी के साथ मेरठ मावेरिक्स को डीएलएस पद्धति से 23 रन की जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी हासिल किया।
रफ्तार हमेशा से कार्तिक त्यागी की पहचान रही है, लेकिन हालिया दौर में उनकी निरंतरता भी शानदार रही है। यूपी टी-20 लीग के 2024 संस्करण से अब तक दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 140 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार वाली 151 गेंदें फेंकी हैं, जो इस टूर्नामेंट में किसी भी गेंदबाज का सर्वाधिक आंकड़ा है।
हालांकि, आज जब त्यागी करीब 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छू रहे थे, तब यह भूलना आसान था कि एक समय उनका शरीर उनका साथ छोड़ने की कगार पर पहुंच गया था।
त्यागी का यहां तक पहुंचने का सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। 2020 से 2021 की शुरुआत तक मामूली साइड स्ट्रेन के कारण उनके शुरुआती आईपीएल अभियान बार-बार प्रभावित हुए। 2021 के अंत तक लगातार शिन स्प्लिंट्स की समस्या ने उनकी लय बिगाड़नी शुरू कर दी। पूरी क्षमता से गेंदबाजी का कार्यभार बढ़ाते ही उन्हें पिंडली और पैर की हड्डी में लगातार दर्द होने लगा।
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2022 में मुश्किलें और बढ़ गईं, जब रणजी ट्रॉफी के एक मैच वाले दिन फुटबॉल वार्म-अप के दौरान पैर में फ्रैक्चर हो गया और वह कई महीनों तक क्रिकेट से दूर रहे।
इसके बाद पेल्विक बोन में चोट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। अगले दो वर्षों तक शिन स्प्लिंट्स के प्रभाव और 2024 आईपीएल सीजन से ठीक पहले लगी एक और साइड स्ट्रेन के कारण वह सीमित मुकाबले ही खेल सके। आखिरकार मई 2024 तक उन्हें अपने पेशेवर क्रिकेट करियर पर मजबूरन विराम लगाना पड़ा।
आईपीएल 2025 की नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद त्यागी ने इस समय का इस्तेमाल अपने शरीर को दोबारा तैयार करने और गेंदबाजी की तकनीक को बुनियादी स्तर से फिर से मजबूत करने में किया।
त्यागी ने बताया, “जब मैं चोटिल हुआ तो मैंने अपने शरीर को समझने पर ध्यान दिया—मेरे लिए क्या बेहतर है, मुझे किस तरह दौड़ना चाहिए, किस तरह गेंदबाजी का भार लेना चाहिए ताकि यह मेरे लिए फायदेमंद हो, चोट से बचाए और मैं लंबे समय तक गेंदबाजी कर सकूं। पहले मैंने इन चीजों को समझा।
इसके बाद जब मैंने गेंदबाजी शुरू की तो खुद को पूरा एक साल दिया। मैंने धीरे-धीरे हर दिन अपना कार्यभार बढ़ाया, ताकि मेरी मांसपेशियां दोबारा गेंदबाजी की मांग के अनुसार ढल सकें।”
त्यागी ने अपने करियर की वापसी के लिए यूपी टी-20 लीग को अपना मंच बनाया। 2025 सीजन में मेरठ मावेरिक्स के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करते हुए उन्होंने 11 मैचों में 18 विकेट हासिल किए और एक बार फिर अपनी क्षमता की झलक दिखा दी।
त्यागी ने अपने उस दौर को याद करते हुए कहा, “दो साल पहले मैं लगभग पूरी तरह क्रिकेट से बाहर हो चुका था। मेरे दिमाग में यह बिल्कुल स्पष्ट था कि अगर मुझे वापसी करनी है तो यूपी टी-20 लीग, जो आईपीएल जैसा मंच और माहौल देती है, वही जगह है जहां मुझे प्रदर्शन करना होगा ताकि लोग मेरी ओर ध्यान दें।
मैंने पिछले साल पूरी तरह इसी पर ध्यान दिया, यहां अच्छा प्रदर्शन किया और उसी के जरिए मेरा चयन हुआ। इस लीग ने इस तरह मेरे करियर को दोबारा खड़ा करने में मदद की।”
उनके इस शानदार प्रदर्शन का इनाम आईपीएल 2026 की नीलामी में मिला, जहां कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने उन्हें 30 लाख रुपये में अपने साथ जोड़ा। त्यागी ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और शानदार वापसी करते हुए केकेआर की ओर से सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। 13 मैचों में 18 विकेट के साथ वह सीजन की पर्पल कैप सूची में संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे।
अपनी असाधारण रफ्तार को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानने वाले त्यागी ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज डेल स्टेन के साथ हुई बातचीत को अपनी रणनीतिक समझ के विकास में अहम बताया।
त्यागी ने कहा, “जब मैंने डेल स्टेन के साथ काम किया तो उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुझे कितनी निरंतरता के साथ हार्ड लेंथ पर गेंदबाजी करनी चाहिए। टी-20 क्रिकेट में हर कोई स्लोअर गेंद और यॉर्कर की बात करता है, लेकिन मेरे लिए यह मायने रखता है कि मैं इस रफ्तार से कितनी लगातार अच्छी लेंथ पर गेंद डाल सकता हूं। यह बात मेरे दिमाग में हमेशा रहती है कि जितनी ज्यादा वास्तविक रफ्तार के साथ मैं उस लेंथ पर गेंद डालूंगा, उतना ही प्रभावी साबित होऊंगा।”
अपने करियर के अलावा त्यागी उत्तर प्रदेश में तेज गेंदबाजी के बढ़ते माहौल से भी उत्साहित हैं। उन्होंने राज्य क्रिकेट संघ की प्रतिभा खोज पहलों की सराहना की।
उन्होंने कहा, “यूपीसीए स्पीड हंट जैसी पहल तेज गेंदबाजों के लिए शानदार मंच है। पहले चयन पूरी तरह लगातार मैचों में प्रदर्शन पर निर्भर करता था, लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर आप हर मैच में प्रदर्शन नहीं कर सकते और कई प्रतिभाशाली तेज गेंदबाजों की नजरों से बच जाने की संभावना रहती थी।
स्पीड हंट ने यह साबित करने का मौका दिया कि किस गेंदबाज के पास वास्तविक रफ्तार और क्षमता है। जब मैंने देखा कि तेज गेंदबाज कितनी रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं तो इससे उत्तर प्रदेश में मौजूद प्रतिभा की गहराई का अंदाजा हुआ। जब ऐसे ट्रायल से लड़के निकलकर इस स्तर पर खेलते हैं तो यह सभी को प्रेरित करता है कि वास्तविक मेहनत का फल जरूर मिलता है।”
शरीर को नए सिरे से तैयार करने, गेंदबाजी की स्पष्ट रणनीति और लगातार उखड़ते मिडिल स्टंप के साथ कार्तिक त्यागी अब सिर्फ रफ्तार से गेंदबाजी नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक ऐसे तेज गेंदबाज के आत्मविश्वास और अधिकार के साथ मैदान पर उतर रहे हैं, जो अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में पूरी तरह लौट चुका है।














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